गोरखपुर। बांसगांव थाना क्षेत्र के जयंतीपुर गांव में 19 वर्षीय BSc छात्र कार्तिकेय उर्फ शुभम की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, छात्र की हत्या उसके चचेरे भाई संतोष मिश्रा ने की। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे अपनी पत्नी और शुभम के बीच कथित नजदीकी का शक था।
पुलिस के मुताबिक, संतोष ने पहले शुभम को समझाने की कोशिश की थी। उसका दावा है कि पत्नी के मोबाइल में दोनों की बातचीत देखने के बाद उसके मन में शक और गहरा गया। इसके बाद उसने शुभम की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर की रात आरोपी शुभम के घर पहुंचा था, लेकिन उसके जाग जाने के कारण वह वारदात को अंजाम नहीं दे सका। इसके दो दिन बाद 17 सितंबर की सुबह करीब पांच बजे वह दोबारा उसके घर पहुंचा। उस समय शुभम तख्त पर सो रहा था। आरोप है कि संतोष ने बांके से हमला कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
शुभम के दोस्त जब उसे सुबह टहलने के लिए जगाने पहुंचे तो तख्त पर खून देखकर उन्होंने शोर मचाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब 300 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की। गांव के लगभग 27 लोगों से पूछताछ भी की गई। जांच में आरोपी, उसकी पत्नी और शुभम के बीच विवाद से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने संतोष को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने यह भी बताया कि शुभम के पिता स्वदेश मिश्रा से वर्ष 2021 में 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। उस मामले में परिवार को सुरक्षा भी दी गई थी। छात्र की हत्या के बाद पुलिस ने इस पुराने मामले से जुड़े संभावित पहलू की भी जांच की, हालांकि मौजूदा कार्रवाई में चचेरे भाई पर हत्या का आरोप सामने आया है।
News Wani
