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दिल्ली-NCR में पटाखों पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, प्रदूषण घटाने के लिए जागरूकता पर जोर

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार, 12 अक्टूबर को सुनवाई हुई। अदालत ने जनस्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत बताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आदेश दिए जाने चाहिए, जिन्हें व्यावहारिक रूप से लागू किया जा सके। साथ ही लोगों से त्योहारों के दौरान कम प्रदूषण वाले विकल्प अपनाने की अपील की गई।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर चर्चा की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थीं।

प्रदूषण रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि लोगों को प्रदूषण के नुकसान के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। लोगों को यह समझाना होगा कि कौन से पटाखे अधिक प्रदूषण फैलाते हैं और किन विकल्पों से पर्यावरण को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचता है।

अदालत ने त्योहारों के दौरान पारंपरिक तरीकों को बढ़ावा देने की बात कही। दीपक जलाने और सीमित प्रदूषण वाले विकल्प अपनाने से उत्सव की परंपरा बनाए रखने के साथ पर्यावरण की रक्षा में भी मदद मिल सकती है।

धार्मिक भावनाओं और जनस्वास्थ्य के बीच संतुलन जरूरी

सुनवाई के दौरान पीठ ने स्पष्ट किया कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा पर भी ध्यान देना आवश्यक है। अदालत का जोर ऐसे समाधान पर रहा, जिससे लोगों को प्रदूषण के खतरों के प्रति जागरूक किया जा सके और नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो।

अदालत में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने भी पटाखों से होने वाले नुकसान और प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौतियों का उल्लेख किया। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि हर गली और इलाके में लगातार निगरानी करना प्रशासन के लिए मुश्किल हो सकता है।

पराली जलाने और कचरा प्रबंधन पर भी चर्चा

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण से जुड़े व्यापक मामले के तहत पराली जलाने और ठोस कचरे के प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। फसल अवशेष जलाने से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और प्रभावी उपाय जरूरी हैं।

केंद्र सरकार ने क्षेत्र में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए गए कदमों और भविष्य की योजनाओं से संबंधित अद्यतन स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने पर सहमति जताई।

15 अक्टूबर को अगली सुनवाई

पटाखों पर प्रतिबंध और दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। अब इस मामले में आगे होने वाली सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण, नियमों के पालन और जनजागरूकता से संबंधित उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

फिलहाल अदालत ने लोगों को कम प्रदूषण वाले विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने और ऐसे निर्देशों पर जोर दिया है, जिन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

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