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एकतरफा प्यार का खौफनाक अंजाम, शादीशुदा महिला पर एसिड अटैक

बरेली/ शेरगढ़। पड़ोसन से इकतरफा प्यार के चक्कर में 5 बच्चों के पिता ने पूरे परिवार पर एसिड अटैक कर दिया। रात में सोते समय परिवार पर तेजाब उड़ेल दिया। हमले में महिला, उसका पति दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए, जिनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पति की हालत गंभीर है। अब रविवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

तेजाब के हमले में झुलसी लक्ष्मी शेरगढ़ कस्बे के मोहल्ला डूंगरपुर निवासी हरप्रसाद की पत्नी है। पुलिस को उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाला 5 बच्चों का पिता उमेश कश्यप काफी समय से उसके पीछे पड़ा था। जबरन शादी को उस पर दबाव बनाता था और विरोध गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी देता था। लक्ष्मी के मुताबिक, शुक्रवार रात वह पति हरप्रसाद और दो बेटों के साथ घर के आंगन में मच्छरदानी लगाकर सो रही थी।

तड़के चार बजे आरोपी पड़ोसी उमेश कश्यप मकान में दाखिल हुआ और उनके ऊपर तेजाब उड़ेल दिया। हमले में लक्ष्मी के साथ उसका पति हरप्रसाद, दो साल का बेटा अभिषेक और चार वर्षीय पुत्र आनंद गंभीर रूप से झुलस गए। उन लोगों ने मौके से उमेश कश्यप को भागते देखा। चीख-पुकार सुनकर लोग जुट गए और परिवार को जिला अस्पताल पहुंचाया। हर प्रसाद की हालत नाजुक बताई गई है।

मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ उमेश: घटना के बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। रविवार तड़के उमेश कश्यप पुलिस से बचने के लिए कस्बा शेरगढ़ बाईपास के रास्ते अपने घर जाने वाला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। मगर तमंचे से पुलिस पर ही फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में उमेश पैर में गोली लगी। उसके पास से अवैध तमंचा और  03 जिंदा व 02 खोखा कारतूस मिले। हेड कॉन्सटेबल मोहम्मद नाजिम भी बाएं हाथ में गोली रगड़कर निकल जाने से घायल हुए। दोनों दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पड़ोसन से बोलचाल को प्यार समझता था उमेश : एसिड अटैक की घटना का शिकार हुई लक्ष्मी का हमलावर पड़ोसी काफी समय से जीना मुहाल किए था। पड़ोसी होने के नाते महिला से उसकी बोलचाल थी। सामान्य सी बातचीत को 5 बच्चों का पिता उमेश प्यार समझ बैठा और उससे गलत रिश्ता बनाने पर अड़ गया। छह माह से वह लक्ष्मी पर दबाव बना रहा था कि पति और बच्चों को छोड़कर उसके साथ शादी कर ले।

लक्ष्मी इस बात को तैयार नहीं थी। इससे उमेश उससे नाराज था। वह लक्ष्मी के मोबाइल पर फोन करता था और धमकाता था। परेशान महिला ने उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया था। उसी खुन्नस में लक्ष्मी के साथ उसके पति और दो मासूम बेटों को तेजाब से जलाने की योजना बना डाली और रात में हमला कर दिया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता लक्ष्मी के बयान दर्ज किए तो उसने पूरी आपबीती सुनाई।

जिला अस्पताल में फिर दिखी स्टाफ की संवेदनहीनता : बरेली जिला अस्पताल में मरीज को ठेली पर ले जाने को लेकर उठा तूफान अभी थमा नहीं है कि हैल्थ स्टाफ की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आ गया है। एसिड अटैक की घटना का शिकार हुए परिवार को जिला अस्पताल में सही इलाज नसीब नहीं हुआ। स्टाफ ने इलाज में बड़ी लापरवाही की। तेजाब के हमले में झुलसी लक्ष्मी का आरोप है कि वे सुबह 6 बजे अस्पताल आ गए थे लेकिन डॉक्टरों ने सिर्फ पति हर प्रसाद को ही भर्ती किया। तेजाब से झुलसे उसे व दो मासूम बच्चों बिना सही इलाज के छोड़ दिया गया। बच्चों के शरीर पर सिर्फ एक ट्यूब लगा दी गई और सुबह से मां के साथ अस्पताल के बाहर बेंच पर बैठे नजर आए।

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