उन्नाव। जिले के बड़े व मध्यम लगभग 2700 औद्योगिक संस्थानों के कार्यालयों में काम करने वाले 21 हजार कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्राम होम रहेंगे। प्रत्येक कर्मचारी औसतन डेढ़ लीटर ईंधन कार व बाइक आदि से फैक्ट्री आने-जाने में खर्च करते हैं। इस तरह ये कर्मी दो दिनों में लगभग 63,000 लीटर ईंधन बचाएंगे। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) पदाधिकारियों ने इसके लिए बैठक में संस्थानों के प्रबंधन से बात करने की तैयारी कर ली है। बैठक के बाद यह व्यवस्था अगले सप्ताह लागू करने की तैयारी है। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से आने वाले लगभग 500 कर्मचारियों को पूलिंग करने के लिए कहा गया है। जनपद के पांच औद्योगिक आस्थान में दही, बंथर, अकरमपुर, बांगरमऊ व सफीपुर औद्योगिक क्षेत्रों में 60 बड़े और 2686 मध्यम औद्योगिक संस्थान हैं। बड़े संस्थानों में लगभग 21 हजार व मध्यम में 10 हजार कर्मचारी कार्यालयों में काम करते हैं। इनमें 70 प्रतिशत कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्राम होम रहेंगे। यह आंकड़ा निकालें तो लगभग 21 हजार होता है।

दही औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री। जागरण आर्काइव
900 कर्मचारी कार से आते
लगभग 900 कर्मचारी ऐसे हैं जो कार से आते हैं, बाकी बाइक से। ज्यादातर उन्नाव जिले के ही हैं तो कुछ लखनऊ और कानपुर से भी आते हैं। अगर ये कर्मचारी दो दिन घर से ही काम करेंगे तो प्रतिदिन 31500 लीटर ईंधन का खर्च संस्थान तक आने-जाने में बचेगा। वैश्विक हालात, ऊर्जा बचत और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर प्रधानमंत्री की ईंधन को लेकर व्यक्त की गई सलाह पर सीएम योगी ने बड़े औद्योगिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्राम होम लागू करने की दिशा को लेकर एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम के निर्देश का पालन
वहीं सीएम के निर्देश पर अमल करने के लिए जनपदीय औद्योगिक विकास क्षेत्र के अधिकारी सक्रिय हैं। सबसे अधिक उद्यम संस्थान दही व बंथर औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत हैं। वहीं पांचों औद्योगिक आस्थानाें से साल में चार से पांच हजार करोड़ का राजस्व सरकार को दिया जाता है। प्रदेश में सबसे अधिक स्लाटर हाउस व अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध चर्म इकाइयां यही हैं। इन उद्यम इकाइयों के माध्यम से जनपद से हर साल लगभग 20 हजार करोड़ का निर्यात व आयात किया जाता है। आइआइए के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीएन मिश्र ने बताया कि इस अच्छी पहल में जुड़ने को संस्थान हामी भर रहे हैं। इस निर्देश के दायरे में कार्यालय स्टाफ है। लेबर व मशीन चलाने वाले कर्मी नहीं हैं।
| उद्यम का प्रकार | इकाइयों की संख्या |
|---|---|
| बड़े उद्यम | 60 |
| मध्यम उद्यम | 2,686 |
| लघु उद्यम इकाइयां | 7,853 |
| कुल (Total) | 10,599 |
वर्क फ्राम होम को लेकर सरकार के निर्देशों का तो पालन करना ही है। इसके लिए अगले सप्ताह बैठक भी करने जा रहे हैं।
अरुण कुमार माहेश्वरी, चैप्टर चेयरमैन इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, उन्नाव।
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