अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक 2 सितंबर को मणिराम दास छावनी में आयोजित होगी। बैठक में राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति और पहले स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन समेत कई अहम मुद्दों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।
ट्रस्ट की नियमित बैठक दोपहर चार बजे शुरू होगी। इससे पहले विशेष बैठक बुलाए जाने की भी संभावना है। इसमें ट्रस्ट में रिक्त पदों को भरने और CEO की नियुक्ति को लेकर चर्चा हो सकती है।
तीन नामों के पैनल में से चुना जाएगा CEO
राम मंदिर ट्रस्ट में पहले स्थायी CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति ने साक्षात्कार के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया है। यह पैनल ट्रस्ट की बैठक में रखा जाएगा। न्यासी इन तीन नामों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं।
CEO की नियुक्ति के बाद मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं संस्थागत स्वरूप मिलने की उम्मीद है। इसमें मंदिर प्रबंधन, कर्मचारियों से जुड़े कार्य, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच समन्वय जैसे कार्य शामिल हो सकते हैं।
कृष्ण मोहन महासचिव पद पर बने रहेंगे
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार डॉ. कृष्ण मोहन फिलहाल महासचिव के पद पर बने रहेंगे। वह वर्तमान में अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे से दो पद रिक्त हुए हैं। वहीं ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से एक अन्य पद भी खाली है।
इस तरह ट्रस्ट में कुल तीन स्थानों पर नए सदस्यों के चयन का मामला लंबित है। बैठक में इन पदों को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है।
ट्रस्ट डीड और नियमावली में संशोधन पर मंथन
बैठक के एजेंडे में ट्रस्ट डीड और न्यास नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है। संशोधन के सटीक बिंदु अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है कि प्रस्तावित CEO और महासचिव की जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे, CEO के अधिकार क्षेत्र, प्रशासनिक समितियों के साथ समन्वय तथा अधिकारियों-कर्मचारियों की नियुक्ति और कार्य विभाजन से जुड़े प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है।
CEO के पद को ट्रस्ट की स्थायी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनाने के लिए नियमावली में जरूरी प्रावधान किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थानीय समन्वय समिति का प्रस्ताव
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय सुरक्षा समन्वय समिति गठित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जा सकता है। इस समिति का उद्देश्य मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा।
समिति में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस-प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को शामिल किए जाने की संभावना है। समिति के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, महत्वपूर्ण पर्वों पर सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित समन्वय जैसे विषयों की समीक्षा की जा सकती है।
2 सितंबर की बैठक को राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को नए स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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