नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट चली, जबकि राज्यसभा में करीब एक घंटे तक कामकाज हुआ। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहे।
लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही वंदे मातरम् का गान हुआ और इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। वहीं राज्यसभा में माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके बाद राष्ट्रगीत के साथ राज्यसभा की कार्यवाही भी समाप्त कर दी गई।
पूरे सत्र में कामकाज रहा प्रभावित
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार गतिरोध देखने को मिला। लोकसभा की 19 बैठकें हुईं। सामान्य कार्य समय के हिसाब से करीब 114 घंटे की कार्यवाही होनी थी, लेकिन सदन में लगभग 17 घंटे 30 मिनट ही काम हो सका। इस तरह करीब 96 घंटे 30 मिनट का कार्य समय प्रभावित रहा।
सत्र के दौरान पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद और कई विधेयकों को लेकर सदन में हंगामा और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कई मौकों पर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
राज्यसभा में खड़गे ने उठाया हल्द्वानी का मुद्दा
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यक्रम के बाद मंच पर हवन किया गया।
सदन के नेता जेपी नड्डा ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। सभापति ने भी छुआछूत जैसी किसी भी प्रथा को गलत बताते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
सत्र के दौरान कई मुद्दों पर टकराव
मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की। सरकार की ओर से चर्चा की पेशकश भी की गई, लेकिन इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
संसद परिसर में भी कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आए। प्रदर्शन, नारेबाजी और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित होती रही। अंततः गुरुवार को दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
News Wani
