Breaking News

चेन्नई में युवाओं से संवाद करेंगे राहुल गांधी, शिक्षा और बेरोजगारी के मुद्दों पर रहेगा जोर

चेन्नई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के छठे कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इंदौर में कार्यक्रम आयोजित करने के बाद अब इस अभियान का विस्तार दक्षिण भारत में किया जा रहा है। चेन्नई के आइलैंड ग्राउंड्स में शाम 4:30 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और युवाओं पर बढ़ते दबाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत के युवाओं पर कांग्रेस की नजर

‘यूथ इन इंडिया 2022’ रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण भारत में 15 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 7.5 करोड़ युवा हैं। इस बड़े युवा वर्ग तक पहुंच बनाना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभियान के जरिए युवाओं की समस्याओं को समझने और उन्हें राजनीतिक संवाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अभियान के पहले पांच कार्यक्रमों में करीब 1.54 लाख लोगों ने भाग लिया था।

तमिलनाडु में कांग्रेस के लिए क्यों अहम है दौरा?

तमिलनाडु की राजनीति में हालिया बदलावों के बीच राहुल गांधी का यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीएमके से अलग होकर विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को समर्थन दिया। राज्य सरकार में कांग्रेस के दो विधायक मंत्री हैं।

कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी की मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे संभावित कार्यक्रम ही माना जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले राहुल का कार्यक्रम

राहुल गांधी का चेन्नई दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित तमिलनाडु दौरे से एक दिन पहले हो रहा है। प्रधानमंत्री का 11 अक्टूबर को राज्य में कार्यक्रम निर्धारित बताया गया है, जिसमें चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के कॉरिडोर-4 का उद्घाटन भी शामिल है। ऐसे में राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

देश में 36.74 करोड़ युवा, रोजगार सबसे बड़ी चुनौती

उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में देश में 15 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 36.74 करोड़ युवा हैं, जो कुल आबादी का करीब 26 प्रतिशत हैं। युवा मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए राजनीतिक दलों का ध्यान इस वर्ग पर बढ़ रहा है।

लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 18 से 29 वर्ष की आयु के मतदाता कुल मतदाताओं का 22.78 प्रतिशत थे। आने वाले चुनावों में युवाओं की भूमिका राजनीतिक दलों के लिए अहम बनी रह सकती है।

युवाओं में बेरोजगारी भी बड़ा मुद्दा

पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं में बेरोजगारी दर 9.9 प्रतिशत दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 8.3 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 13.6 प्रतिशत बताई गई। पुरुष युवाओं में बेरोजगारी दर 9.3 प्रतिशत, जबकि महिला युवाओं में 11.3 प्रतिशत रही।

युवाओं के रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याएं राजनीतिक चर्चा के प्रमुख विषय बन रही हैं। चेन्नई में होने वाला यह कार्यक्रम इन्हीं मुद्दों पर युवाओं के विचार जानने और उनके बीच राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

About NW-Editor

Check Also

स्टंट सीन बना जानलेवा: तमिल फिल्म ‘वेटुवन’ की शूटिंग के दौरान मशहूर स्टंटमैन एसएम राजू की मौत

चेन्नई : लाइट, कैमरा, एक्शन कट… होता है. एसयूवी रफ्तार से निकलती है. कैमरा एक-एक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *