वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए पुरस्कार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई युद्धों को रुकवाने में भूमिका निभाई है, इसलिए उन्हें एक से अधिक बार यह सम्मान मिलना चाहिए था। ट्रम्प ने पुरस्कार के लिए चुनी गईं नवी पिल्लै पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
ट्रम्प ने पुरस्कार नहीं दिए जाने को अपमानजनक बताते हुए कहा कि इस फैसले से नॉर्वे की प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल और कूटनीतिक प्रयासों का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का किया दावा
ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रुकवाने में मदद की थी। उनके मुताबिक, दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच तनाव कम कराने से बड़ी संख्या में लोगों की जान बची। हालांकि, उनके इन दावों को लेकर अलग-अलग स्तर पर बहस होती रही है।
उन्होंने ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन संघर्षों को खत्म कराने के प्रयास भी कर रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा है।
कई वर्षों से नोबेल पुरस्कार की उम्मीद लगाए हैं ट्रम्प
ट्रम्प लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने उत्तर कोरिया और सीरिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों का उल्लेख किया था। 2019 में उन्होंने दावा किया कि जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उन्हें पुरस्कार के लिए नामित किया था।
2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को मिले नोबेल पुरस्कार का जिक्र किया था। ट्रम्प का कहना रहा है कि यदि पुरस्कार निष्पक्ष तरीके से दिए जाएं, तो उनके प्रयासों को भी मान्यता मिलनी चाहिए।
नवी पिल्लै को क्यों मिला शांति पुरस्कार?
दक्षिण अफ्रीका में जन्मीं नवी पिल्लै अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और न्याय के क्षेत्र में अपने काम के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने से जुड़े प्रयासों में योगदान दिया है। उनके कार्यों में युद्ध अपराधों और नरसंहार के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिशें भी शामिल रही हैं।
पुरस्कार को लेकर पिल्लै की ओर से ट्रम्प पर की गई टिप्पणी भी चर्चा में रही। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर उनके साथियों ने थोड़ी और तालियां बजाईं, तो शायद वह अपना पुरस्कार ट्रम्प के साथ बांट लें।
चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों को मिल चुका है नोबेल शांति पुरस्कार
अमेरिका के चार राष्ट्रपतियों को अब तक नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है। इनमें थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा शामिल हैं। ओबामा को 2009 में राष्ट्रपति पद संभालने के शुरुआती दौर में यह सम्मान दिया गया था।
ओबामा को पुरस्कार दिए जाने के फैसले पर भी उस समय बहस हुई थी। नोबेल समिति ने उनके अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को मजबूत करने और परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया की दिशा में प्रयासों को सम्मान देने की बात कही थी।
ट्रम्प के ताजा बयान के बाद एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार के चयन, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और युद्ध रोकने के दावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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