नई दिल्ली/अयोध्या। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दान-पात्रों से कथित चोरी के मामले ने देशभर में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज कर दी है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से पहली बार इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबोले ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
दत्तात्रेय होसबोले का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर के दान-पात्रों से नकदी गायब होने के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। संघ के इस बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक RSS की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में संगठन की ओर से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में रखे दान-पात्रों से धनराशि की कथित चोरी का मामला सामने आया था। मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और दान राशि के रखरखाव को लेकर कई सवाल उठे। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू की और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई है।
हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन इस मामले ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस मंदिर में देश-विदेश से करोड़ों लोग आस्था के साथ दान करते हैं, वहां दान राशि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के विश्वास को प्रभावित करती हैं, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि धार्मिक संस्थानों में वित्तीय प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। राम मंदिर दान-पात्र चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून पूरी निष्पक्षता के साथ अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उनका कहना है कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में दान भी करते हैं। ऐसे में दान-पात्रों से चोरी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिली है। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर प्रशासन को दान राशि की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक, मजबूत निगरानी व्यवस्था और नियमित ऑडिट की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके। फिलहाल संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित चोरी कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और कितनी धनराशि प्रभावित हुई।
इस बीच RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले का बयान यह स्पष्ट करता है कि संगठन भी चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी दोषी को कानून से बचने का अवसर न मिले। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। राम मंदिर से जुड़ा यह मामला केवल धनराशि की चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही लोगों का भरोसा मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम मानी जा रही है।
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