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SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, लाखों मतदाताओं के नाम गायब; 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

नई दिल्ली। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी प्रारूप मतदाता सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में करीब 47.56 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हैं। वहीं महाराष्ट्र में लगभग 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम फिलहाल प्रारूप सूची में दर्ज नहीं हैं।

बताया गया है कि फॉर्म जमा नहीं होने, डिजिटाइजेशन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी न होने और अन्य तकनीकी कारणों के चलते कई मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके। इसके अलावा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और विदेशी मतदाताओं से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।

30 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति

जिन मतदाताओं का नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें अपना नाम शामिल कराने के लिए 30 सितंबर 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों की ओर से प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी।

दावा-आपत्ति के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

SIR के तीसरे चरण में हो रहा मतदाता सत्यापन

निर्वाचन आयोग की ओर से SIR के तीसरे चरण में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है।

SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है। इसी दौरान मृत, स्थानांतरित, डुप्लिकेट या अन्य कारणों से अपात्र पाए जाने वाले नामों की भी पहचान की जा रही है।

मतदाताओं से दस्तावेज तैयार रखने की अपील

निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे दावा-आपत्ति दर्ज कराने से पहले अपने पहचान और पते से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे प्रारूप सूची में अपना नाम, मतदान केंद्र, विधानसभा क्षेत्र और अन्य विवरण ध्यान से जांच लें।

यदि किसी मतदाता को सूची में नाम नहीं मिलता है या विवरण में गलती दिखाई देती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित बूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी या अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकता है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन

दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन सुविधा के साथ-साथ ऑफलाइन व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। मतदाता अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन जमा करते समय रसीद या पावती सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि बाद में आवेदन की स्थिति की जानकारी ली जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रत्येक दावे और आपत्ति की जांच दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी। किसी भी मतदाता का नाम हटाने या जोड़ने से पहले निर्धारित नियमों के तहत सत्यापन किया जाएगा।

राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी जानकारी

SIR प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी प्रारूप मतदाता सूची और दावा-आपत्ति प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे राजनीतिक दल अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच कर सकेंगे और पात्र मतदाताओं को आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूक कर सकेंगे।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम सूची जारी होने से पहले मतदाताओं को अपनी आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है।

मतदाताओं के लिए जरूरी सलाह

मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना नाम जांच लें। आवेदन में नाम, उम्र, पता और अन्य जानकारी सही-सही भरें। गलत या अधूरी जानकारी देने पर आवेदन की जांच में देरी हो सकती है।

महत्वपूर्ण तारीखें:

  • 30 सितंबर 2026: दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख
  • 29 अक्टूबर 2026: दावों और आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा
  • 4 नवंबर 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीख

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