ईरान की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei injury) हाल ही में हुए हमले के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में उन्हें गहरी चोटें आईं, जिनमें हाथ की सर्जरी, चेहरे पर जलन और पैर को नुकसान शामिल है। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें अब कृत्रिम पैर की जरूरत पड़ सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई मानसिक रूप से फैसले लेने में सक्षम हैं, लेकिन उनकी शारीरिक हालत कमजोर होने के कारण वे सीधे तौर पर कामकाज में ज्यादा शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इसी वजह से ईरान के अंदर सत्ता के संतुलन में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई जानकारों का मानना है कि इस स्थिति का फायदा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) उठा रहा है और उसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, खामेनेई और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संपर्क भी काफी सीमित हो गया है।
फैसलों में सैन्य अधिकारियों की बढ़ी भागीदारी
फैसले अक्सर उन्हें बाद में जानकारी के रूप में बताए जा रहे हैं। इससे ऐसा लग रहा है कि सरकार के अंदर एक तरह का शक्ति संतुलन बदल रहा है, जहां सैन्य नेतृत्व (Iran political crisis) की भूमिका ज्यादा मजबूत होती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले जहां सभी बड़े फैसले एक ही केंद्र से लिए जाते थे, वहीं अब स्थिति अलग होती दिख रही है। अब फैसलों में कई लोगों की भागीदारी बढ़ गई है, खासकर सैन्य अधिकारियों की। इसे कुछ लोग “बोर्ड की तरह चलने वाला नेतृत्व” भी बता रहे हैं, जहां अलग-अलग लोग मिलकर निर्णय लेते हैं।
विदेश नीति जैसे बड़े मुद्दों में भी सेना का बढ़ता प्रभाव
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल ही में अमेरिका के साथ होने वाली एक महत्वपूर्ण बातचीत को रोकने में भी IRGC की अहम भूमिका रही। इससे यह साफ होता है कि अब विदेश नीति जैसे बड़े मुद्दों में भी सेना का प्रभाव बढ़ गया है। इन सब घटनाओं के बीच ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। दोनों देश बातचीत के जरिए आगे का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान के अंदर बदलते हालात इस प्रक्रिया को मुश्किल बना सकते हैं। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो मोजतबा खामेनेई की खराब सेहत और सीमित सक्रियता के कारण ईरान की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह बदलाव देश की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।
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