फतेहपुर। व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन ने जनपद एवं सत्र न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर न्यायालय के कर्मचारियों के लिए भी निर्धारित ड्रेस कोड और पहचान पत्र की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। संगठन ने अधिवक्ताओं के लिए जारी ड्रेस कोड और सीओपी (Certificate of Practice) संबंधी आदेश की तर्ज पर न्यायालय परिसर में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट नियम लागू करने की मांग उठाई है।
संगठन के अध्यक्ष श्रीराम पटेल एडवोकेट के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि राज्य विधिज्ञ परिषद उत्तर प्रदेश, प्रयागराज में पंजीकृत एवं सीओपी धारक अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित ड्रेस पहनना और पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है। संगठन का कहना है कि न्यायालय में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की व्यवस्था न्यायालय कर्मचारियों के लिए भी लागू की जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई कि न्यायालय के क्लर्क, पेशकार, चपरासी, कार्यालय लिपिक और अन्य कर्मचारियों को निर्धारित ड्रेस तथा पहचान पत्र के साथ ही कार्यालय में कार्य करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही किसी भी कर्मचारी को निजी अथवा अनधिकृत सहायक के माध्यम से सरकारी कार्य कराने से रोका जाए।
संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ कार्यालयों में कर्मचारियों के साथ निजी व्यक्तियों को काम करते हुए देखा जाता है, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। संगठन ने यह भी मांग की कि कोई भी कर्मचारी वादकारी या अधिवक्ता से किसी प्रकार के सुविधा शुल्क की मांग न करे, ताकि न्यायालय परिसर में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था कायम रह सके।
इसके बाद संगठन की बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में अध्यक्ष श्रीराम पटेल ने कहा कि स्पष्ट ड्रेस कोड और पहचान पत्र होने से न्यायालय परिसर में कार्यरत कर्मचारियों की पहचान आसानी से हो सकेगी और अनधिकृत व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
इस मौके पर संगठन के संरक्षक वसीम अंसारी एडवोकेट, नरोत्तम सिंह कामरेड, सैयद वजाहत, सुरेश यादव, एहतराम अहमद, सैफ खान, फैजान अली, जैनुल अब्बास, मो. इशहाक, विनोद यादव, मो. आसिफ, कमरुद्दीन खान, नरेंद्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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