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ट्रम्प ने AI को बताया ‘सुपर इंटेलिजेंस’, अमेरिका-चीन के बीच बढ़ी तकनीकी प्रतिस्पर्धा

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नया कदम उठाते हुए इसे ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (SI) के नाम से संबोधित करने की बात कही है। ट्रम्प का कहना है कि AI को केवल आर्टिफिशियल कहना उचित नहीं है और यह इंटरनेट से भी आगे की तकनीक है।

व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ हुई बैठक के दौरान AI की सुरक्षा, निगरानी और भविष्य के विकास को लेकर चर्चा हुई। बैठक में गूगल, एंथ्रोपिक, मेटा, ओपनएआई, एक्स-एआई और एनवीडिया से जुड़े शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

AI सुरक्षा को लेकर कंपनियों ने जताई सहमति

बैठक के दौरान कंपनियों ने AI सिस्टम की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने से जुड़ी कई बातों पर सहमति जताई। इसके तहत कंपनियां अपने AI मॉडल की सुरक्षा जांच करेंगी और उनकी निगरानी के लिए अलग टीम गठित करेंगी।

इसके अलावा AI सिस्टम की बाहरी विशेषज्ञों या स्वतंत्र संस्थाओं से जांच कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। कंपनियों के बोर्ड की स्वतंत्र समितियां इन जांच रिपोर्टों की समीक्षा करेंगी और सामने आने वाली समस्याओं के समाधान की निगरानी करेंगी।

अमेरिका और चीन के बीच AI को लेकर प्रतिस्पर्धा

ट्रम्प ने कहा कि AI के क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल अमेरिका इस दौड़ में आगे है। उनके मुताबिक आने वाले समय में AI तकनीक वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

डेटा सेंटर और स्थानीय समुदाय पर भी चर्चा

बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और अन्य बुनियादी ढांचे पर भी चर्चा हुई। ट्रम्प ने टेक कंपनियों से कहा कि जहां डेटा सेंटर बनाए जाएं, वहां स्थानीय समुदायों को भी साथ लिया जाए।

उन्होंने कंपनियों से स्थानीय लोगों की जरूरतों में सहयोग करने की बात कही। इसमें स्कूलों, शिक्षकों और अन्य सामुदायिक सुविधाओं के लिए आर्थिक मदद जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

AI के लिए डेटा सेंटर क्यों जरूरी हैं?

AI सिस्टम को चलाने के लिए बड़ी संख्या में शक्तिशाली कंप्यूटरों की जरूरत होती है। इन्हें बड़े डेटा सेंटर में स्थापित किया जाता है। जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे डेटा सेंटर, चिप्स और बिजली की मांग भी बढ़ रही है।

AI की तकनीकी प्रतिस्पर्धा में चार प्रमुख क्षेत्र अहम माने जा रहे हैं—चिप्स, डेटा सेंटर, बिजली और AI मॉडल। बेहतर चिप्स तेज कंप्यूटिंग में मदद करते हैं, डेटा सेंटर AI सिस्टम को संचालित करते हैं और लगातार बिजली की उपलब्धता इनके संचालन के लिए जरूरी है।

जुकरबर्ग बोले- AI पर भरोसा जरूरी

मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि AI को लेकर लोगों और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। वहीं एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने सुरक्षित तरीके से AI के विकास के लिए कंपनियों के बीच सहयोग की जरूरत बताई।

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