न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अमेरिका और इजराइल पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने अपने भाषण के दौरान ईरान में मारे गए बच्चों की तस्वीरें दिखाईं और कहा कि उनका देश आतंक का शिकार रहा है।
पजशकियान अपने साथ ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर भी लेकर पहुंचे। उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान ने अपने लोगों और नेताओं को खोया है। उन्होंने मिनाब शहर के एक स्कूल पर हुए हमले को भी अपने संबोधन में प्रमुखता से उठाया।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ऐसे देश से आए हैं जहां एक स्कूल पर बम गिराया गया और मासूम बच्चों की जान चली गई। उन्होंने हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें महासभा में दिखाईं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मिनाब स्कूल हमले में 156 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का अधिकारी बाहर निकला
पजशकियान का भाषण शुरू होते ही अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का एक अधिकारी बैठक कक्ष से बाहर चला गया। उसने अपना बैग उठाया और हॉल से बाहर निकल गया। यह घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच हुआ।
अमेरिका के साथ बातचीत और होर्मुज पर भी नजर
पजशकियान के भाषण में अमेरिका के साथ संघर्ष, कूटनीतिक बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी अहम रहा। ईरान पहले यह संकेत दे चुका है कि परिस्थितियां अनुकूल होने पर होर्मुज को लेकर बातचीत की जा सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ता है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी राष्ट्रपति के बयान को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
UNGA में 37 नेताओं के भाषण
बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कुल 37 नेता भाषण दे रहे हैं। इनमें सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की प्रमुख नाम हैं।
सीरिया के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में गोलान हाइट्स को सीरिया का हिस्सा बताया और कहा कि सीरिया अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा करेगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर आवाजाही की पाबंदी
अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही को लेकर प्रतिबंध लागू हैं। ईरानी अधिकारियों को न्यूयॉर्क में निर्धारित क्षेत्रों तक ही सीमित रहने की अनुमति होती है। कुछ वस्तुओं की खरीदारी पर भी प्रतिबंध लागू हैं।
पजशकियान का यह संयुक्त राष्ट्र महासभा में तीसरा संबोधन है। उनके भाषण पर अमेरिका के साथ संबंध, सैन्य तनाव, क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की कूटनीति को लेकर विशेष ध्यान रहा।
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