न्यूयॉर्क। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान गाजा युद्ध, ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई का बचाव किया। उनके मंच पर पहुंचते ही कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध जताया और कुछ प्रतिनिधि सदन से बाहर चले गए। विरोध के बीच नेतन्याहू करीब तीन मिनट तक मंच पर खामोश खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने भाषण शुरू करते हुए विरोध करने वालों से बाहर जाने को कहा।
वहीं, गैलरी में मौजूद नेतन्याहू के समर्थकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और ‘अम यिसराइल चाई’ यानी ‘इजराइल की जनता जिंदा है’ के नारे लगाए।
गाजा युद्ध का किया बचाव
नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले का जिक्र करते हुए इजराइल की सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि हमास के हमले बेहद भयावह थे और इजराइल ने इसके जवाब में कार्रवाई की।
नेतन्याहू ने गाजा में इजराइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उसे रोकने के लिए कार्रवाई की।
हिजबुल्लाह के पेजर हमलों का किया जिक्र
भाषण के दौरान नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्लाह के सदस्यों को निशाना बनाकर किए गए पेजर विस्फोटों का भी उल्लेख किया। उन्होंने मंच से पेजर डिवाइस दिखाते हुए हिजबुल्लाह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें यह घटना जरूर याद होगी।
सितंबर 2024 में लेबनान और सीरिया में हजारों पेजर में एक साथ विस्फोट हुए थे। इस घटना में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे और कई लोगों की मौत हुई थी।
ईरान को लेकर दी चेतावनी
नेतन्याहू ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और वहां की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में मौजूद लोगों से सवाल किया कि अगर ईरान की एक बड़ी बैलिस्टिक मिसाइल संयुक्त राष्ट्र भवन पर गिर जाए तो इसका क्या असर होगा।
उन्होंने ईरानी लोगों को इंटरनेट के जरिए अपनी बात रखने में मदद करने की बात कही और मंच पर स्टारलिंक का एक डिवाइस भी दिखाया। नेतन्याहू ने कहा कि वह यह डिवाइस ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए छोड़कर जाएंगे। हालांकि, बाद में ईरानी अधिकारियों ने इसे लेने में रुचि नहीं दिखाई।
न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी पर भी निशाना
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की भी आलोचना की। उन्होंने न्यूयॉर्क में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और ममदानी पर हमास के समर्थन का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने कहा कि अब यह दौर खत्म हो गया है जब यहूदी बिना किसी सुरक्षा के हिंसा का सामना करते थे। उन्होंने इजराइल की सेना और देश की सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखी।
ट्रंप की तारीफ की
इजराइली प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के समर्थन ने इजराइल को मदद दी और गाजा में बंधकों की वापसी से जुड़े प्रयासों में भी सहयोग मिला।
नेतन्याहू ने भाषण का समापन यह कहते हुए किया कि इजराइल के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है। इसके बाद गैलरी में मौजूद समर्थकों ने तालियां बजाईं।
ईरान की सीट पर दिखी कासिम सुलेमानी की तस्वीर
नेतन्याहू के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल मौजूद नहीं था। हालांकि, ईरान की सीट पर कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की तस्वीर रखी गई थी।
सुलेमानी की 3 जनवरी 2020 को बगदाद एयरपोर्ट के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हुई थी। यह हमला तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर किया गया था।
न्यूयॉर्क में विरोध प्रदर्शन
नेतन्याहू के भाषण के विरोध में न्यूयॉर्क में भी प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इजराइल की नीतियों और जायनिज्म के खिलाफ नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों के पास नेतन्याहू के बड़े कटआउट और विरोधी पोस्टर थे।
संयुक्त राष्ट्र के पास प्रदर्शन के दौरान सड़क रोकने के आरोप में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
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