ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध समाप्त करने के लिए 7 दिन का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के मुताबिक, सबसे पहले सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने और ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने की बात कही गई है। इसके बाद सातवें दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के मुद्दे पर बातचीत और फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए सिरे से वार्ता शुरू करने का प्रस्ताव है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यह प्रस्ताव मध्यस्थ देशों के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अब यह अमेरिका पर निर्भर है कि वह संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाता है या नहीं।
पजशकियान ने कहा- हम बातचीत के लिए तैयार
पजशकियान ने एक इंटरव्यू में कहा कि जून में दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते का आधार तैयार हो गया था। उनके अनुसार, उस समय ईरान बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार था और होर्मुज जलडमरूमध्य भी खुला हुआ था।
ईरानी राष्ट्रपति का दावा है कि इसके बाद अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि ईरान अभी भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए पहले अमेरिकी हमले रोकना जरूरी होगा।
पजशकियान 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल होने पहुंचे थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर भी दिखाई।
ट्रम्प की चेतावनी के बीच आया प्रस्ताव
ईरान का यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पजशकियान ने कहा था कि ईरान अमेरिकी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
8 सितंबर को अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े पांच तेल टैंकरों पर हमला किया था। इसके बाद ईरान की ओर से जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की बात सामने आई।
जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 18 मिसाइलों को रोक दिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। अमेरिका ने इसे ईरान से जुड़े तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की वजह बताया।
इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाजों पर हमले का दावा किया। इनमें अमेरिकी जहाजों और तेल टैंकरों के शामिल होने की बात कही गई। ईरान की ओर से एक अमेरिकी सबमरीन ड्रोन को पकड़े जाने की जानकारी भी सामने आई।
28 फरवरी से जारी है सैन्य संघर्ष
अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिका का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करना है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे परमाणु तकनीक के इस्तेमाल का अधिकार है।
अब ईरान के 7 दिन के प्रस्ताव में सीजफायर, तेल प्रतिबंधों में राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु वार्ता को क्रमवार जोड़ा गया है।
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