बिहार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 10वीं कक्षा के टॉपर रहे एक युवक पर फर्जी IAS अधिकारी बनकर बड़े पैमाने पर ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी पहचान को इस तरह गढ़ा कि वह लंबे समय तक प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में पहचाना जाता रहा।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने फर्जी पहचान के दम पर करीब 100 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति खड़ी कर ली। इस दौरान उसने न सिर्फ सरकारी तंत्र को गुमराह किया, बल्कि कई प्रभावशाली लोगों और कारोबारियों को भी अपने जाल में फंसाया। उसकी लाइफस्टाइल किसी बड़े उद्योगपति से कम नहीं थी, जिसमें लग्जरी गाड़ियां, महंगे शौक और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क शामिल था।
जांच एजेंसियों को उसके ठिकानों से एक बेहद आलीशान बंगला मिला है, जिसकी तुलना मुंबई के बड़े बिजनेसमैन के घरों से की जा रही है। घर के अंदर की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और लग्जरी सुविधाएं देखकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। इसके अलावा उसके पास से कई महंगी और आधुनिक कारें भी बरामद की गई हैं।
वित्तीय जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी के नाम पर 8 बैंक खाते और 20 से अधिक क्रेडिट कार्ड संचालित हो रहे थे। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है। अब पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई इन सभी ट्रांजैक्शनों की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
जांच एजेंसियों को यह भी शक है कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो नकली दस्तावेज तैयार करने से लेकर प्रभावशाली पहचान गढ़ने में मदद करता था। इसी कड़ी में अब उन लोगों की भी तलाश की जा रही है जिन्होंने आरोपी को इस फर्जी IAS पहचान को मजबूत करने में सहायता दी।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे कई और नाम सामने आ सकते हैं।
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