मध्य प्रदेश में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। पिछले करीब 60 घंटे से प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। भोपाल समेत कई जिलों में भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, नदियों और डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। राजगढ़ के ब्यावरा में करीब 9 इंच, खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच बारिश हुई। आगर-मालवा, शाजापुर, गुना, मंदसौर और उज्जैन के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है।
हाईवे पर भरा पानी, यातायात प्रभावित
लगातार बारिश के कारण शिवपुरी में NH-46 पर करीब एक फीट तक पानी भर गया। ककरवाया के पास सड़क पर जलभराव होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और लंबा जाम लग गया। ओवरब्रिज निर्माण के कारण हाईवे की एक पट्टी से ही वाहन निकल रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली।
रायसेन में पुल डूबे, स्कूल बंद
रायसेन में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। सांची रोड के पगनेश्वर और भोपाल रोड की जाखा बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से छोटे पुल पानी में डूब गए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी। सेमरा के पीएमश्री हाईस्कूल परिसर में भी पानी भर गया।
नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा
नर्मदापुरम में लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया। सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट पहुंच गया है। तवा डैम का जलस्तर भी करीब 8.5 फीट बढ़ा है। फिलहाल डैम के गेट खोलने की जरूरत नहीं बताई गई है।
भोपाल के बड़े तालाब में भी एक दिन में करीब पौन फीट पानी बढ़ा है और जलस्तर 1663 फीट पहुंच गया। कोलार, कलियासोत और केरवा डैम के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कई जगह रेस्क्यू, सड़कें बनीं मुसीबत
सीहोर में तेज बारिश के बीच भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में 10 लोग पानी से घिर गए। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शिवपुरी में पानी से भरे गड्ढे में स्कूल वैन फंस गई। बच्चों ने टायर के नीचे पत्थर रखकर वैन को बाहर निकालने में मदद की।
अगले चार दिन मौसम के लिहाज से अहम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास बना लो प्रेशर एरिया बारिश की मुख्य वजह रहा। बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक और लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में अगले चार दिन बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।
मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने नदियों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
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