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एमपी में लगातार 3 दिनों से हो रही बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ा, यूपी के काशी में 100 मंदिर डूबे

मध्य प्रदेश में स्थिति सबसे गंभीर मानी जा रही है। भोपाल, इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, रतलाम, झाबुआ, धार, उज्जैन और आसपास के कई जिलों में लगातार तेज बारिश जारी है। खंडवा और नर्मदापुरम क्षेत्र में नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है। प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी हैं और राहत-बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। कुछ बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है ताकि दबाव कम किया जा सके।

राजस्थान में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कोटा, बूंदी, झालावाड़ और सवाई माधोपुर जैसे जिलों में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की एक टनल में पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें टूटने और पुलों पर पानी चढ़ने की वजह से आवागमन ठप हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश में भी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा, यमुना, घाघरा और शारदा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। वाराणसी में गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है, जिससे कई घाटों पर धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रयागराज, बलिया और गाजीपुर जैसे जिलों में भी निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में भी भारी बारिश का असर गंभीर रूप से देखा जा रहा है। उत्तराखंड में कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़कें बंद हो गई हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। एक स्थान पर तेज बहाव के कारण पुल बह जाने की घटना भी सामने आई है। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई वाहन मलबे में फंस गए। महाराष्ट्र के कोंकण और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में भी लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है।

गुजरात के सौराष्ट्र और दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश के कारण निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई शहरों में जल निकासी व्यवस्था चरमरा गई है और राहत कार्य जारी हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता और बढ़ सकती है। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और पहाड़ी इलाकों से दूर रहें।

स्थिति को देखते हुए राज्य सरकारों ने आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है और राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

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