नई दिल्ली/लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा मामले और छात्र आंदोलनों को लेकर मंगलवार को संसद परिसर में सियासी माहौल गर्म रहा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी सांसदों के साथ संसद परिसर में प्रदर्शन किया, जिसमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता भी शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने हाथों में पोस्टर लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
बारिश के बीच विपक्षी सांसदों ने फूल-मालाओं से सजी एक प्रतीकात्मक दानपेटी रखकर प्रदर्शन किया। दानपेटी पर ‘लापता’ का पोस्टर लगाया गया था और सरकार से मंदिर चढ़ावे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई। सपा सांसद डिंपल यादव ने दानपेटी में राशि डालकर विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया।
विपक्षी नेताओं ने छात्र आंदोलनों, पैलेट गन के इस्तेमाल और बच्चों पर दर्ज मामलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर सदन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
वहीं, एनडीए सांसदों ने भी संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला और विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि विपक्ष गंभीर मुद्दों पर बहस करने के बजाय केवल हंगामा कर रहा है।
संसद के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।
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