उत्तर प्रदेश में लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है, जबकि रास्ते और पुल जलमग्न होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
कुशीनगर में गंडक (नरायणी) नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। दो गांवों के करीब 1,400 परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें से लगभग 600 परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, रहने और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
सीतापुर में सरायन और पिरई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। कई इलाकों में 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है। करीब 200 मकान प्रभावित हुए हैं। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और जेसीबी की मदद ली गई।
उन्नाव के चकलवंशी क्षेत्र में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। मुख्य मार्गों, गलियों और बाजारों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है। कई परिवारों को घरों की छतों पर रहने को मजबूर होना पड़ा है।
गोंडा में टेढ़ी नदी उफान पर आने के बाद चंदवतपुर घाट का पुल पानी में डूब गया। पुल के ऊपर से तेज धार के साथ पानी बह रहा है। प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए हैं।
बारिश के कारण बदायूं और अमरोहा में जर्जर मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। बदायूं में करीब 70 साल पुरानी दो मंजिला कोठी कुछ ही सेकंड में ढह गई। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अमरोहा में भी जर्जर मकान की दीवार गिर गई, हालांकि आसपास मौजूद लोग बाल-बाल बच गए।
मुरादाबाद के कांठ-ठाकुरद्वारा क्षेत्र में बारिश के दौरान नलकूप की कोठरी की छत पर एक साथ तीन तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर वन विभाग को भेजा। कुछ देर बाद तीनों तेंदुए खेतों की ओर चले गए।
बारिश से राहत की बात यह है कि लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई शहरों में सोमवार को मौसम साफ हो गया और धूप निकली। हालांकि संभल और बिजनौर समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश हुई।
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात यूपी से गुजरने के बाद कमजोर पड़ गया है। अगले 24 घंटे में बारिश का असर काफी कम होने की संभावना है। नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि अक्टूबर की शुरुआत में प्रदेश में मौसम साफ रहने और धूप निकलने के आसार हैं।
जलभराव और बारिश को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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