उत्तर प्रदेश में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सोमवार को कई शहरों में देखने को मिला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई। आगरा, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर, हापुड़, गाजियाबाद और मथुरा समेत कई जिलों में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कांग्रेस ने 28 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
आगरा में CEC के आवास के बाहर प्रदर्शन
आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान आवास की दीवार पर कालिख पोती गई और नारे लिखे गए। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया।
लखनऊ में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की
लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर हिरासत में लिया और उन्हें ईको गार्डन ले जाया गया। इससे पहले 25 सितंबर को भी लखनऊ में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई थी।
वाराणसी में महिलाओं ने किया प्रदर्शन
वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ता भी शामिल हुईं और चूड़ियां लेकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
प्रयागराज और गोरखपुर में भी पुलिस से भिड़ंत
प्रयागराज में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। वहीं गोरखपुर में प्रदर्शनकारी CEC का पुतला लेकर आगे बढ़ रहे थे, जिसे पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों में खींचतान हुई।
हापुड़ में करीब 50-60 कार्यकर्ता हिरासत में
हापुड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने करीब 50-60 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
SIR को लेकर क्यों है विवाद?
SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची का गहन सत्यापन और पुनरीक्षण किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 के तहत मतदाता सूची और नाम खोजने की सुविधा उपलब्ध है।
विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में करीब 13.37 करोड़ नाम शामिल नहीं रहे। यह आंकड़ा ड्राफ्ट रोल में नामों की स्थिति से संबंधित है और इसे अंतिम रूप से मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटाए गए नामों के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है और CEC के इस्तीफे की मांग कर रही है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से SIR की प्रक्रिया और मतदाता सेवाओं से संबंधित आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
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