फतेहपुर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के साईं गांव में मंगलवार सुबह बंदरों के झुंड के कच्चे मकान पर कूदने से बारिश में भीगा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय बरामदे में खाना बना रही महिला और उसकी दो मासूम बेटियां मलबे में दब गईं। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने आनन-फानन मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। हादसे में मां समेत दोनों बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को जिला मेडिकल कॉलेज फतेहपुर रेफर कर दिया गया।
साईं गांव निवासी रतिराम प्रजापति का कच्चा मकान मंगलवार सुबह अचानक ढह गया। हादसे के समय उनकी बहू अनीता देवी (40), पत्नी शक्तिमान प्रजापति, बरामदे में खाना बना रही थीं। उनकी बेटियां वैशाली (डेढ़ वर्ष) और जानवी (तीन वर्ष) पास में खेल रही थीं। इसी दौरान बंदरों का झुंड मकान पर कूद पड़ा।
पहले से बारिश के कारण भीगे कच्चे मकान का बरामदा और आगे का छप्पर बंदरों के कूदने से अचानक भरभराकर गिर गया। अनीता और उनकी दोनों मासूम बेटियां मलबे में दब गईं। मकान गिरने की तेज आवाज और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने फावड़े और अन्य साधनों की मदद से मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला।
मलबा हटाने के दौरान डेढ़ वर्षीय वैशाली के हाथ की चार उंगलियां कट गईं और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं तीन वर्षीय जानवी का पैर टूट गया। अनीता देवी के सिर में भी गंभीर चोट आई।
ग्रामीणों ने तीनों घायलों को तत्काल गोपालगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर देखते हुए जिला मेडिकल कॉलेज फतेहपुर रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर राजस्व लेखपाल भी मौके पर पहुंचे और मकान गिरने की रिपोर्ट तैयार की। हादसे के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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