फतेहपुर। प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण सेवाओं में सुधार के लिए जिले में व्यवहार परिवर्तन आधारित पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स के निर्देशन में संचालित इस पहल के तहत भिटौरा विकासखंड के चयनित केंद्रों पर स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े व्यवहारों में सुधार के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
बाल विकास परियोजना अधिकारी भिटौरा माधुरी कुमारी की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें महिला पर्यवेक्षकों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशाओं सहित 25 प्रतिभागियों को प्रारंभिक अनुसंधान एवं व्यवहार परिवर्तन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को समुदाय के साथ समन्वय, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के प्रभावी उपयोग तथा ऐप आधारित तकनीक के माध्यम से आंकड़े एकत्र करने की जानकारी दी गई। यह पहल 21 जुलाई से 15 दिसंबर तक राज्य स्तरीय टीमों के सहयोग से संचालित की जा रही है।
इस पहल के लिए भिटौरा विकासखंड में 10 आंगनबाड़ी केंद्र, सात उप-स्वास्थ्य केंद्र और पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर चयनित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना के निर्देश पर चयनित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराए गए टेलीविजन के माध्यम से विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार और बच्चों को शिक्षाप्रद सामग्री दिखाने के उद्देश्य से पेन ड्राइव भी वितरित की गईं।
प्रशिक्षण के दौरान चयनित केंद्रों की समस्याओं, उपलब्ध आंकड़ों और अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
योजना के तहत परिवारों और समुदाय को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित व्यवहारों में सकारात्मक बदलाव लाकर बच्चों तथा माताओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है।
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