नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण महराजगंज और कुशीनगर के कई इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल की ओर से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए गए हैं।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल पानी में डूब गए हैं। हालात के चलते गलियों और छतों पर अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे स्थानीय लोगों और अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कानपुर में भी लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। तेज बारिश के कारण सड़क धंसने से गहरा गड्ढा बन गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
वहीं, मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के चलते अगले 24 घंटे में करीब ढाई से चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बारिश के चलते कई राज्यों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से रास्ते बंद हुए हैं, जबकि राजस्थान और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी तेज बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और जलस्तर की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों और राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। बिजली के खंभों, टूटे रास्तों और तेज बहाव वाले नालों से दूर रहने की चेतावनी भी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। विशेषज्ञों ने लोगों को जरूरी सामान, दवाइयां और पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम रखने की सलाह दी है। स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को भी स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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