नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 210 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 300 भारतीय नागरिकों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं।
आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं, लेकिन कई इलाकों में संपर्क और आवागमन बाधित होने से लापता लोगों की तलाश में मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन और बचाव दल करीब 1500 लोगों की तलाश में जुटे हैं।
बाढ़ से कई क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है।
नेपाल सरकार ने प्रभावित जिलों में आपातकालीन सेवाओं को तेज करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों से नदियों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में आगे भी भारी बारिश की आशंका जताई है, जिससे राहत और बचाव अभियान प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।
भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। लापता भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए हेल्पलाइन और समन्वय केंद्रों के जरिए परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे लापता व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी, पहचान और अंतिम लोकेशन तुरंत साझा करें।
बाढ़ के कारण बिजली और संचार सेवाएं भी कई इलाकों में प्रभावित हुई हैं। अस्पतालों में घायलों और बीमार लोगों की संख्या बढ़ रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। राहत शिविरों में साफ पानी, दवाइयां और स्वच्छता व्यवस्था उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बचाव दल नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं और राहत कार्यों की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।
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