Breaking News

नेपाल में तिब्बत लैंडस्लाइड से आई भारी तबाही: 210 लोगों की हुई मौत; 1500 लापता, 400 भारतीयों की तलाश जारी

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा में अब तक 210 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 1500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं।

आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। भारत के करीब 300 नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिनकी तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। राहत टीमों ने आज 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

प्रशासन और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। लगातार खराब हालात के बीच लापता लोगों की तलाश और राहत कार्य जारी है।

बाढ़ और भूस्खलन से कई इलाकों में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। कई गांवों का संपर्क आसपास के शहरों से टूट गया है। प्रभावित लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहां भोजन, पानी और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

नेपाल सरकार ने बचाव कार्यों में सेना और पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में फिर भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके चलते प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। राहत एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापता लोगों की तलाश का अभियान लगातार जारी है।

राहत कार्यों के दौरान कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण लोगों को अपने परिजनों से संपर्क करने में परेशानी हो रही है। प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

स्थानीय स्वयंसेवी संगठन और सामाजिक संस्थाएं भी राहत अभियान में शामिल हो गई हैं। इन संगठनों की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए कपड़े, कंबल, खाद्य सामग्री और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। राहत शिविरों में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ का पानी कम होने के बाद क्षतिग्रस्त इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी जाएंगी। दूषित पानी के कारण संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए दवाइयों और साफ पानी की आपूर्ति पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लोगों को उबला हुआ पानी पीने और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है।

भारत सरकार भी नेपाल के हालात पर नजर बनाए हुए है। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के बीच लगातार संपर्क जारी है। लापता भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और सुरक्षित निकाले गए लोगों को उनके परिवारों तक पहुंचाने के लिए समन्वय किया जा रहा है।

बचाव एजेंसियों ने कहा है कि दुर्गम इलाकों में पहुंचने में मौसम और खराब सड़कों के कारण समय लग रहा है। इसके बावजूद राहत दल दिन-रात अभियान चला रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

About NW-Editor

Check Also

”नेपाल में हिंसा पर बड़ा फैसला: मृतकों को शहीद का दर्ज़ा, परिजनों को 10-10 लाख मुआवजा”

नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि Gen-Z आंदोलन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *