ग्वालियर। श्योपुर जिले के आवदा क्षेत्र में रविवार दोपहर तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद जंगल में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में करीब 28 महिला-पुरुष मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें 13 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मजदूर केरका गांव के निवासी बताए गए हैं।

श्योपुर में घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे मजदूर
जानकारी के मुताबिक, रोजाना की तरह रविवार तड़के करीब चार बजे करीब 40 मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर भोजका-धावा और पनार गांव की सीमा से लगे जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे। दोपहर में तेज गर्मी बढ़ने पर मजदूर काम बंद कर वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जंगल के रास्ते में तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रॉली अचानक अनियंत्रित हो गई। मोड़ पर संतुलन बिगड़ने से ट्रॉली एक तरफ उठी और पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रॉली में सवार लगभग हर व्यक्ति को चोटें आईं। घायल मजदूर किसी तरह सड़क तक पहुंचे और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। बाद में गंभीर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में घायल हुए मजदूरों में मदन आदिवासी, जया, बर्फी, रेवा, हल्की, कौशल्या, गोलो बाई, किरन, गुड्डू, लक्ष्मी, यशोदा, मेवा और दयाल आदिवासी सहित कई अन्य शामिल हैं।
पेड़ से टकराकर अटकी ट्रॉली
हादसे में मामूली रूप से घायल हुए सरवन आदिवासी ने बताया कि ट्रॉली अचानक पलटने लगी और सभी लोग चीखने लगे। उसने कहा कि यदि ट्रॉली पूरी तरह उलट जाती तो कोई भी जीवित नहीं बचता। एक बड़े पेड़ से टकराकर ट्रॉली रुक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

एक बेड पर दो-दो मरीज
एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से जिला अस्पताल में भी अव्यवस्था की स्थिति बन गई। इमरजेंसी वार्ड में बेड कम पड़ गए, जिसके चलते डॉक्टरों को शुरुआती उपचार के दौरान एक ही पलंग पर दो-दो मरीजों को लिटाना पड़ा। बाद में अन्य वार्डों में व्यवस्था बनाकर मरीजों को शिफ्ट किया गया।
हादसों के बाद भी सबक नहीं
सवारी वाहन न होते हुए भी जिले में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सफर किया जा रहा है, पूर्व में महीने भर पहले ही 15 दिन के अंतर में 3 अलग-अलग स्थानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 6 लोगों की मौंत हुई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अब फिर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना सामने आई है फिर भी जिम्मेदार अधिकारी ट्रैक्टर-ट्रॉली के सफर पर रोक नहीं लगा रहे हैं। इससे स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से जो लोग घायल हुए हैं, उन सभी का तत्काल प्राथमिक उपचार करके उन्हें वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया है। कोई बहुत ज्यादा सीरियस कंडिशन में नहीं है। हमारी टीमें तत्काल उनका उपचार करने में जुट गईं।
– डॉ. आरबी गोयल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल श्योपुर
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