लखनऊ: पारा इलाके में नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और एक कंपनी पीएसी के साथ इलाके में पहुंची। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे।
भारी पुलिस सुरक्षा के बीच नगर निगम की टीम ने तिकोनिया, गायत्री विहार, ज्ञानेंद्र विहार और डिप्टी खेड़ा समेत आसपास के इलाकों में अभियान चलाकर करीब 200 भैंसों को पकड़ा। नगर निगम के मुताबिक, इन पशुओं को अवैध रूप से संचालित डेयरियों और आवासीय इलाकों से हटाकर ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेजा जा रहा है।
हमले के बाद पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
इससे पहले रविवार को नगर निगम की कैटल कैचर टीम पुलिसकर्मियों के साथ कार्रवाई करने पहुंची थी। आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने टीम पर हमला कर दिया था। इस दौरान बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी को भी चोट लगी थी।
घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया। सोमवार को दो महिलाओं की गिरफ्तारी भी की गई। इसके बाद मंगलवार को होने वाली कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पारा, दुबग्गा और काकोरी थाने की पुलिस के साथ पीएसी तैनात की गई।
चार मोहल्लों में चला अभियान
नगर निगम की टीम ने सबसे पहले तिकोनिया, गायत्री विहार और ज्ञानेंद्र विहार में कार्रवाई की। टीम ने कई घरों और डेयरियों से भैंसों को बाहर निकालकर कैटल कैचर वाहनों में लादा। इसके बाद टीम हैदर कैनाल के पास कुल्हरकट्टा रोड और डिप्टी खेड़ा क्षेत्र में पहुंची, जहां करीब 80 भैंसों को पकड़ा गया।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए भैंसों को घरों के अंदर बांध रखा था। टीम ने घरों के भीतर जाकर पशुओं को बाहर निकाला। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण इस बार पहले जैसी स्थिति नहीं बनी।
मेयर ने कहा- सरकारी टीम पर हमला बर्दाश्त नहीं
कार्रवाई के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। मेयर ने कहा कि पुलिस और नगर निगम की टीम पर हमला गंभीर मामला है और सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और इलाके में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
नगर निगम ने बताई कार्रवाई की वजह
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहरी इलाकों में अवैध रूप से संचालित डेयरियों के कारण गंदगी, जलभराव और सीवर जाम जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। इसी वजह से आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत पशुपालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने भी कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि नगर निगम की टीम को आगे की कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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