फतेहपुर, 27 अगस्त। उद्यान विभाग ने आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना तथा निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर अनुदान योजना से संबंधित पोर्टल शुरू कर दिया है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रमेश पाठक ने किसानों से पात्रता के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण कर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना प्रदेश के सभी जनपदों के आलू उत्पादक किसानों के लिए लागू है। योजना के तहत प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल अनुमन्य होगा। प्रति हेक्टेयर अधिकतम उत्पादन 240 कुंतल निर्धारित है, जबकि अधिकतम 200 कुंतल उत्पादन पर अनुदान दिया जाएगा। आलू रोपण का क्षेत्रफल खसरा-खतौनी के आधार पर निर्धारित होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीकृत होना एवं आईडी धारक होना आवश्यक है। आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन के साथ फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक अथवा चेकबुक की प्रति तथा आलू रोपित क्षेत्रफल की खसरा-खतौनी सहित आवश्यक अभिलेख अपलोड करने होंगे। किसान और व्यापारी के बीच आलू क्रय-विक्रय का विवरण भी अपलोड करना अनिवार्य होगा।
योजना के तहत मंडी एवं एग्री स्टेक पोर्टल से एपीआई के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। अनुदान की धनराशि आधार सीडेड डीबीटी अथवा आधार प्रमाणित बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना की परिचालन अवधि 1 जनवरी से 15 अप्रैल तथा 1 जुलाई से 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
भामाशाह भाव स्थिरता कोष के तहत आलू की उत्पादन लागत का 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर की धनराशि में से जो कम होगी, वही अनुदान के रूप में देय होगी। योजना का लाभ एफएक्यू गुणवत्ता वाले 30 से 80 एमएम आकार के आलू पर दिया जाएगा।
शीतगृह में आलू रखने पर अधिकतम ₹20 हजार अनुदान
निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर भंडारण प्रभार में छूट की योजना भी लागू की गई है। इसके तहत निजी शीतगृहों में किसानों द्वारा भंडारित आलू पर ₹100 प्रति कुंतल की दर से अनुदान दिया जाएगा।
इस योजना में प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 200 कुंतल आलू की मात्रा अनुमन्य होगी। योजनांतर्गत प्रति किसान अधिकतम ₹20,000 का अनुदान दिया जाएगा। आलू रोपण का क्षेत्रफल खसरा-खतौनी तथा शीतगृह में रखे आलू की मात्रा का निर्धारण शीतगृह द्वारा जारी तकपट्टी के आधार पर किया जाएगा।
अनुदान प्राप्त करने के लिए शीतगृह से आलू की निकासी और भंडारण प्रभार के भुगतान से संबंधित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
किसान आलू विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए potato.uphorticulture.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक किसान किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, विकास भवन फतेहपुर, कमरा संख्या-139 में संपर्क कर सकते हैं।

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