फतेहपुर। लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, इसके ई-पोर्टल, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप, उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर और सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। इसका सजीव प्रसारण सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रेक्षागृह में किया गया।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास कृष्णा पासवान, जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, बिंदकी विधायक जयकुमार सिंह जैकी, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव, अपना दल जिलाध्यक्ष शैलेंद्र पटेल समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को पांच वर्ष या उससे अधिक अवधि के लिए छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण छह प्रतिशत प्रभावी ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी और सरल बनाई गई है। योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि किसानों और सहकारिता, दोनों को मजबूत करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। किसानों को खाद एवं उर्वरक की उपलब्धता में पारदर्शिता लाने के लिए उर्वरक सेतु ऐप और निगरानी के लिए यूपीसीडीसी डेटा सेंटर शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण से किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में जिला को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित, एलडीबी चेयरमैन खागा अनिल मिश्रा, बिंदकी के बलराम सिंह चौहान, अयाह-शाह के जितेंद्र सिंह व सुशील सिंह चंदेल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों के साथ पांच किसानों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। डीसीबी अध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित ने अतिथियों का आभार जताया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, उप कृषि निदेशक, एआर को-ऑपरेटिव, जिला उद्यान अधिकारी, एलडीबी के पदाधिकारी और किसान भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में भारत टैक्सी सेवा के माध्यम से ड्राइवरों को सहकारी मॉडल से जोड़ने की पहल के बारे में भी जानकारी दी गई।
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