- माली में आतंक का नया अध्याय, सेना पर उठे गंभीर सवाल,
- राजधानी में अल-कायदा समर्थित आतंकियों का कहर
बमाको, माली। पश्चिम अफ्रीकी देश माली एक बार फिर जिहादी हिंसा की आग में झुलस उठा है। मध्य माली में पिछले कुछ दिनों के दौरान हुए भीषण आतंकी हमलों में कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इन हमलों की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन Jama’at Nasr al-Islam wal Muslimin ने ली है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को हुए सुनियोजित हमलों में हथियारबंद आतंकियों ने कई गांवों को निशाना बनाया। इससे पहले बुधवार को भी कई गांवों पर हमला किया गया था, जिसमें कम से कम 30 लोगों की जान चली गई थी। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। कुछ अनुमान के अनुसार मृतकों की संख्या 80 तक पहुंच सकती है। हमलों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। एक स्थानीय युवा नेता ने दर्द बयान करते हुए कहा, “हमारा दिल खून के आंसू रो रहा है।
” उन्होंने आरोप लगाया कि आसपास तैनात सेना की टुकड़ियों से कई बार मदद मांगी गई, लेकिन किसी तरह की सहायता नहीं मिली। इस आरोप के बाद सेना की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। इस बीच, हिंसा की यह नई लहर उस बड़े हमले के बाद सामने आई है, जिसमें हथियारबंद लड़ाकों ने केनीरोबा सेंट्रल जेल पर धावा बोल दिया था। यह जेल राजधानी बमाको से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां करीब 2500 कैदी बंद हैं। हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, 25 और 26 अप्रैल से माली में लगातार जिहादी हमलों का सिलसिला जारी है। इसी दौरान अल-कायदा समर्थित संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन ने तुआरेग बहुल अजावाद लिबरेशन फ्रंट के साथ हाथ मिला लिया था। इसके बाद से हमलों की तीव्रता और बढ़ गई है।
माली की सेना के कमांडर Jibrila Maiga ने राजधानी बामाको में आयोजित प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल में हुए हमलों के बाद जिहादी लड़ाके फिर से संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं। अप्रैल में हुए एक बड़े हमले में रक्षा मंत्री सादियो कामारा की मौत हो गई थी, जबकि माली सरकार का समर्थन कर रही रूसी सेना को उत्तरी क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहर किदाल से पीछे हटना पड़ा था।
कमांडर माइगा ने चेतावनी देते हुए कहा कि खतरा अभी टला नहीं है और सेना लगातार आतंकियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। वहीं जिहादी संगठन जेएनआईएम ने हाल ही में यह घोषणा भी की थी कि वह राजधानी बामाको की ओर जाने वाली सड़कों पर चौकियां बनाकर शहर की घेराबंदी करने की योजना बना रहा है। लगातार बढ़ते आतंकी हमलों ने माली में सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
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