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बठिंडा हादसा: रोड रोलर की चपेट में आए बाप-बेटी, पिता की मौत; बेटी गंभीर

बठिंडा में सड़क निर्माण के दौरान बाप-बेटी की स्कूटी फिसल गई। वह रोड पर गिर गए। इसी दौरान रोड समतल करने में जुटा रोलर पीछे की तरफ आया और बाप-बेटी के ऊपर चढ़ गया। बाप के सिर पर भारी भरकम रोड रोलर चढ़ने से सिर बुरी तरह कुचला गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 9 साल की बेटी बुरी तरह से घायल हो गई। उसे तुरंत इलाज के लिए एम्स रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इसको लेकर अब 3 तरह की लापरवाही भी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक यह हादसा शुक्रवार को गणेशा बस्ती में हुआ। यहां गली नंबर 9 में रोड का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान अफीम वाली गली के रहने वाले विशाल गुप्ता‎(35) अपनी बेटी मन्नत (9)‎के साथ स्कूटी पर जा रहे थे।‎ इसी दौरान एक घर के बाहर बिखरी बजरी की वजह से उनकी स्कूटी अचानक फिसल गई।

रोड के बीच में गिरे, पीछे आता रोलर सिर पर चढ़ा:  स्कूटी फिसलते ही दोनों रोड में बीचोंबीच गिर पड़े। तभी पीछे की तरफ आ रहा रोड रोलर उनके ऊपर चढ़ गया। रोलर का पिछला पहिया दोनों के ऊपर से गुजरकर निकल गया। झटका लगा तो रोड रोलर का ड्राइवर तुरंत नीचे उतरा। हादसे का पता चलते ही वहां अफरातफरी मच गई।

पुलिस बोली- जांच कर रहे, कार्रवाई होगी: पुलिस के मुताबिक विशाल गुप्ता का सिर बुरी तरह से कुचले जाने की वजह से उसकी मौत हो गई है। बेटी की हालत भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस की तरफ से पूरे हादसे की जांच की जा रही है। थाना सिविल लाइन के SHO रविंदर सिंह ने कहा कि हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर जांच की गई है। इस मामले में मृतक के परिवार के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

हादसे के पीछे 3 बड़ी लापरवाही…

  • रोड को नॉर्मल ट्रैफिक के लिए बंद नहीं किया: रोड बनाने के दौरान सुरक्षा‎ मानकों का स्पष्ट उल्लंघन किया‎ गया। जब सड़क निर्माण चल‎ रहा हो और रोड रोलर जैसी भारी‎ मशीनरी काम कर रही हो, तो उस‎ क्षेत्र को आम यातायात के लिए ‎पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए ‎था। ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक ‎मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई।‎ ट्रैफिक को निर्माण क्षेत्र में घुसने देना ‎ही सबसे बड़ी चूक है।‎
  • रोड रोलर स्पॉटर या गार्ड नहीं था: रोड ‎रोलर जैसी मशीनों में ”ब्लाइंड‎स्पॉट” (जहां से ड्राइवर को नीचे का ‎हिस्सा दिखाई नहीं देता) बहुत बड़े ‎होते हैं। ऐसी मशीनों से काम करते ‎समय जमीन पर एक ”स्पॉटर” या‎ गार्ड होना चाहिए जो मशीन को ‎गाइड करे और आम लोगों को दूर‎ रखे। ऑपरेटर को यह सुनिश्चित ‎करना चाहिए था कि जब तक मशीन‎ चालू है, कोई भी दोपहिया वाहन‎ उसके आस-पास न हो।‎
  • पुलिस, निगम और प्रशासन की चूक: ठेकेदार यहां प्रशासन ‎की नाक के नीचे बिना सुरक्षा‎ मानकों के काम कर रहा था, इसके बावजूद संबंधित विभाग, जैसे पीडब्ल्यूडी ‎या नगर निगम के अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके अलावा यहां पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात नहीं था, जो नॉर्मल ट्रैफिक का ध्यान रख सके।

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