श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों को आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाए गए अभियान में बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन अशदर के दौरान मारे गए पाकिस्तानी आतंकी का शव करीब सात दिन बाद बरामद कर लिया गया। आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया गया है।
सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान चलाकर आतंकी के शव के साथ एक नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी बरामद की है। कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस की SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की टीमें शामिल थीं।
4 सितंबर को शुरू हुआ था तलाशी अभियान
बडगाम के अशदर गली इलाके में 4 सितंबर को खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं।
सुरक्षाबलों ने संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों की ओर से गोलीबारी शुरू कर दी गई। इसके बाद इलाके में मुठभेड़ शुरू हुई। कार्रवाई के दौरान एक आतंकी मारा गया था। मौके से हथियार और अन्य युद्ध सामग्री भी बरामद की गई थी।
सात दिन बाद बरामद हुआ आतंकी का शव
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में लगातार निगरानी और तलाशी अभियान जारी रखा। इसी दौरान मारे गए आतंकी के अवशेष बरामद किए गए। जांच में उसकी पहचान यासिर के तौर पर हुई।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यासिर पाकिस्तान का रहने वाला था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। उसके पास से बरामद M4 राइफल और अन्य सामान के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
स्थानीय मददगारों की तलाश में जांच तेज
आतंकी की पहचान सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके स्थानीय संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यासिर जम्मू-कश्मीर में किन लोगों के संपर्क में था और उसे स्थानीय स्तर पर किसी तरह की मदद या ठिकाना उपलब्ध कराया गया था या नहीं।
जांच एजेंसियां उसके संभावित नेटवर्क, आवाजाही और स्थानीय सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। सुरक्षा बलों का मानना है कि विदेशी आतंकियों की गतिविधियों को रोकने के लिए उनके स्थानीय संपर्कों तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा बलों का अभियान जारी
ऑपरेशन अशदर को जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे खुफिया जानकारी आधारित संयुक्त अभियानों का हिस्सा बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी और निगरानी अभियान चला रही हैं।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी रखा गया। विदेशी आतंकी की पहचान और उसके हथियारों की बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस उसके स्थानीय नेटवर्क और संभावित मददगारों पर है।
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