न्यूज़ वाणी ब्यूरो अतर्रा ,बांदा।
जनपद में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। अतर्रा तहसील क्षेत्र के पवई गांव में सरकारी खाद्यान्न के स्टॉक का मिलान करने पर 113 क्विंटल से अधिक गेहूं और चावल का हिसाब नहीं मिला। ग्रामीणों की शिकायत पर आपूर्ति विभाग की टीम ने जांच की, जिसमें स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। मामले में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद संबंधित कोटेदार के खिलाफ बिसंडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पवई के उचित दर विक्रेता रामबहादुर (शॉप आईडी-20400147) के खिलाफ ग्रामीण प्रेमचंद, पिंटू सहित अन्य लोगों ने राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूर्ति निरीक्षक अजीत कुमार और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार ने जांच शुरू की।
जांच में दुकान पर नहीं मिला कोटेदार
29 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे जांच टीम राशन दुकान पर स्टॉक का सत्यापन करने पहुंची। इस दौरान कोटेदार मौके पर मौजूद नहीं था। इसके बाद उसकी पत्नी सरोज और अन्य लोगों की उपस्थिति में दुकान तथा गोदाम के खाद्यान्न का भौतिक और अभिलेखीय सत्यापन किया गया।
सितंबर और अक्टूबर महीने के खाद्यान्न वितरण एवं स्टॉक का मिलान करने पर बड़ी मात्रा में राशन का हिसाब नहीं मिला। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दुकान पर निम्नलिखित खाद्यान्न उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर नहीं पाया गया।
- गेहूं : 42.732 क्विंटल
- चावल : 70.518 क्विंटल
- चीनी : 0.390 क्विंटल (39 किलोग्राम)
इस तरह कुल 113.64 क्विंटल गेहूं, चावल और चीनी का स्टॉक मौके पर नहीं मिला। जांच रिपोर्ट में खाद्यान्न के कथित दुरुपयोग और कालाबाजारी की आशंका जताई गई है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित उचित दर विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश, 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद आपूर्ति निरीक्षक अतर्रा अजीत कुमार ने बिसंडा थाने में कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
अतर्रा के आधा दर्जन कोटेदार विभाग की निगरानी में
पवई गांव में राशन स्टॉक में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद आपूर्ति विभाग ने तहसील क्षेत्र के अन्य राशन विक्रेताओं पर भी निगरानी बढ़ा दी है। आपूर्ति निरीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि अतर्रा तहसील के करीब आधा दर्जन कोटेदारों की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें विभागीय निगरानी में रखा गया है। जल्द ही जांच के आधार पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का कहना है कि सरकारी राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पात्र लाभार्थियों तक पूरा खाद्यान्न पहुंचाने के लिए अनियमितता करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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