न्यूज़ वाणी ब्यूरो बांदा। दीपावली और धनतेरस के अवसर पर जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए एक सराहनीय सामाजिक पहल की गई। बांदा में हेल्पिंग द मैनकाइंड फाउंडेशन की टीम ने अतर्रा रोड स्थित झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुंचकर बर्तन वितरित किए। वहीं, बच्चों को केक और उपहार देकर त्योहार की खुशियों में शामिल किया।
संस्था की ओर से परिवारों को भगोने, थालियां और अन्य जरूरी बर्तन दिए गए। आर्थिक तंगी के कारण धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने में असमर्थ परिवारों को जब ये सामान मिला तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। बच्चों ने भी केक और उपहार पाकर उत्साह के साथ त्योहार मनाया। जरूरतमंद परिवारों ने संस्था के सदस्यों का आभार जताते हुए उन्हें दुआएं दीं।
कोरोना काल से जारी है सेवा का अभियान
हेल्पिंग द मैनकाइंड फाउंडेशन लंबे समय से गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए काम कर रही है। संस्था का सेवा अभियान कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान शुरू हुआ था, जो आज भी निरंतर जारी है।
संस्था की ओर से जरूरतमंद बच्चियों की शादी में आर्थिक सहयोग, अस्पतालों में मरीजों की मदद, दवा और इलाज के लिए आर्थिक सहायता तथा गंभीर मरीजों के ऑपरेशन में सहयोग किया जाता है। इसके अलावा त्योहारों पर कपड़े, मिठाई और आवश्यक सामग्री वितरित करने के साथ गरीब परिवारों को राशन भी उपलब्ध कराया जाता है। सर्दियों में कंबल और गर्म कपड़े बांटकर जरूरतमंदों को राहत पहुंचाई जाती है।
संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशियों की रोशनी लाना है। टीम के सदस्यों ने भविष्य में भी इसी तरह समाजसेवा के कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया।
ये रहे मौजूद
इस सेवा कार्य के दौरान संस्था के संरक्षक हसन उद्दीन सिद्दीकी, अध्यक्ष नदीम उल्ला खान, वरिष्ठ सहयोगी एवं मीडिया प्रभारी सुनील सक्सेना, महामंत्री शाहबाज़ खान हनी, उपाध्यक्ष मोहम्मद फरहान एवं जावेद खान, सचिव उमर अली, संगठन मंत्री शेख रिज़वान, सलाहकार आरिफ खान, उपसचिव आसिफ मसूदी, शाखा प्रमुख खाईपार अली, शाखा प्रमुख अज़हर, मेराजुद्दीन, गफ्फार खान, कलीम उल्लाह, कोषाध्यक्ष एडवोकेट अनस उल्ला खान, कानूनी सलाहकार समीर उल हक कुरैशी, सनी, मोहम्मद नफीस, कार्यालय प्रभारी इमरान, शादाब हुसैन, हसीब मुंबई, उरूज़ और ब्रज बिहारी सहित अन्य सदस्य एवं सहयोगी मौजूद रहे।
संस्था की इस पहल ने संदेश दिया कि त्योहारों की वास्तविक खुशियां तभी सार्थक होती हैं, जब समाज का हर वर्ग उसमें शामिल हो और जरूरतमंद परिवारों के घरों में भी खुशियों का दीप जल सके।
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