बांदा। न्यूज़ वाणी। जनगणना-2027 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना के दूसरे चरण के तहत 16 नवंबर 2026 से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 1 दिसंबर से प्रगणक घर-घर पहुंचकर परिवारों और नागरिकों की जानकारी दर्ज करेंगे। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की कार्ययोजना तैयार की है।
जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार, निगरानी व्यवस्था और जनगणना से जुड़े आंकड़ों की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
16 से 30 नवंबर तक मिलेगी स्व-गणना की सुविधा
बैठक में बताया गया कि नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल http://se.census.gov के माध्यम से अपनी स्व-गणना कर सकेंगे। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य पूरा करेंगे। फील्ड कार्य का पुनरीक्षण 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक किया जाएगा।
प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों का प्रशिक्षण 14 नवंबर से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान नियुक्ति पत्र, ड्यूटी आदेश, एचएल, नजरी नक्शा और प्रशिक्षण पुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सभी कर्मचारियों की सीएमएमएस पोर्टल पर मैपिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
किसी से नहीं मांगे जाएंगे दस्तावेजों की छायाप्रति
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से दस्तावेजों की छायाप्रति नहीं ली जाएगी। प्रत्येक परिवार और व्यक्ति को गणना में शामिल करना अनिवार्य होगा। गणना ब्लॉकों की सीमाओं की पहचान राजस्व लेखपालों के माध्यम से कराई जाएगी। फील्ड कर्मचारियों की सुविधा के लिए ऑफलाइन डाटा संकलन हेतु प्रश्नावली रजिस्टर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों की स्व-गणना अनिवार्य
16 से 30 नवंबर के बीच 15 दिनों में जनपद के अधिकतर नागरिकों की स्व-गणना पूरी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। स्व-गणना पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति की एसई-आईडी दर्ज की जाएगी। सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को शत-प्रतिशत स्व-गणना कराकर इसकी सूचना संबंधित चार्ज अधिकारी को देनी होगी।
गांवों से शहरों तक चलेगा जागरूकता अभियान
जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के माध्यम से हेल्प डेस्क स्थापित की जाएंगी। तहसीलों, ब्लॉक कार्यालयों, सरकारी अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैनर व होर्डिंग लगाए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों में कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को स्व-गणना की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
सूचना विभाग समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार अभियान चलाएगा। जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों की मदद से भी आम नागरिकों तक जनगणना संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई, बनेगा कंट्रोल रूम
जनगणना कार्य की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक गणना ब्लॉक की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रिपोर्ट जिला सूचना विज्ञान अधिकारी उपलब्ध कराएंगे। कार्य में देरी या लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रभावी संचालन के लिए जिला और चार्ज स्तर पर कंट्रोल रूम तथा जनगणना सेल स्थापित किए जाएंगे।
गोपनीय रहेगा जनगणना का डाटा
प्रशासन ने जनगणना के दौरान एकत्र किए जाने वाले आंकड़ों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लोगों तक केवल प्रमाणित सूचनाएं पहुंचाई जाएंगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी का खंडन किया जाएगा।
शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए नेशनल टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855, चैटबॉट नंबर 18001801855, जनपदीय कंट्रोल रूम 05192-285260 और टोल-फ्री नंबर 1077 उपलब्ध रहेंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना में सक्रिय भागीदारी करें और जनगणना कार्य में पहुंचने वाले कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
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