कानपुर। कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय महिला सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने 45 वर्षीय कोचिंग संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में दोनों के बीच लंबे समय से फोन पर बातचीत होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, करीब नौ महीने के दौरान दोनों के बीच 5 हजार से अधिक बार बातचीत हुई थी।
महिला सिपाही का शव 30 सितंबर को उसके घर की छत पर बने कमरे में फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान महिला का मोबाइल रिसेट मिला, जिसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।
पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार, कानपुर के गिरसी गांव निवासी महिला सिपाही ने वर्ष 2022 में गजनेर क्षेत्र में संचालित एक कोचिंग में पढ़ाई की थी। इसी दौरान उसकी पहचान कोचिंग संचालक से हुई और दोनों के बीच बातचीत बढ़ती गई।
महिला की वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल पद पर भर्ती हुई थी। इसके बाद उसकी तैनाती अमेठी के मोहनगंज थाने में हुई। पुलिस का कहना है कि नौकरी लगने के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही।
नौ महीने में 5 हजार से ज्यादा कॉल
जांच के दौरान पुलिस को मिले कॉल डिटेल रिकॉर्ड में दोनों के बीच करीब नौ महीने में 5 हजार से अधिक बार बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच हुई बातचीत में सबसे लंबी कॉल करीब चार घंटे की थी।
पुलिस का कहना है कि महिला सिपाही की किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत शुरू होने के बाद कोचिंग संचालक और उसके बीच विवाद भी होने लगा था।
घटना वाले दिन भी हुई थी कई बार बातचीत
पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर को महिला सिपाही छुट्टी लेकर अपने घर पहुंची थी। घर आने के बाद वह अपने कमरे में चली गई। दोपहर में उसकी छोटी बहन कमरे में पहुंची तो वह फंदे से लटकती मिली।
जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन महिला सिपाही और कोचिंग संचालक के बीच तीन बार फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद महिला ने अमेठी में तैनात एक अन्य पुलिसकर्मी से भी करीब 30 से 35 मिनट बात की थी। पुलिस इन सभी बातचीत और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पिता ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप
मृतका के पिता ने कोचिंग संचालक पर बेटी को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी कोचिंग संचालक शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार, वह महिला सिपाही के घर भाई के रूप में आता-जाता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके परिवार वाले उसकी शादी तय करना चाहते थे और इसी मुद्दे को लेकर घटना वाले दिन दोनों के बीच बातचीत हुई थी।
पुलिस विभाग में भी प्रताड़ना का आरोप
महिला सिपाही के पिता ने पुलिस विभाग में कार्यरत एक सहकर्मी पर भी बेटी को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बेटी को करियर और भविष्य खराब करने की धमकियां दी जा रही थीं।
परिवार का कहना है कि महिला जब भी छुट्टी पर घर आती थी तो डरी-सहमी रहती थी। हालांकि, वह परिजनों को अपनी परेशानी के बारे में विस्तार से नहीं बताती थी। पुलिस अब सभी आरोपों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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