Breaking News

कानपुर में करंट से चाचा-भतीजे की मौत, परिवारों को मिला मुआवजा और नौकरी का भरोसा

कानपुर। केशवपुरम स्थित बालाजी अपार्टमेंट में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से जान गंवाने वाले चाचा-भतीजे के परिवारों को आखिरकार राहत मिली। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिवारों ने शव सड़क पर रखकर मुआवजा, नौकरी और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

करीब पांच घंटे तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। समझौते के तहत दोनों मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये के अकाउंट पेई चेक और अंतिम संस्कार के लिए 50-50 हजार रुपये नकद दिए गए। इसके अलावा परिवार के सदस्यों को रोजगार और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था का आश्वासन भी दिया गया।

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए थे दोनों

रावतपुर निवासी राजपाल उर्फ छोटू (39) प्राइवेट काम करते थे। शनिवार को वह अपने भतीजे अभिषेक (30) और एक अन्य मजदूर के साथ केशवपुरम स्थित बालाजी अपार्टमेंट में ग्रिल लगाने पहुंचे थे। दोनों अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर ग्रिल के लिए नाप ले रहे थे।

इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से राजपाल और अभिषेक गंभीर रूप से झुलस गए। उनके साथ मौजूद तीसरा मजदूर भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शव पहुंचते ही परिवार में मचा कोहराम

रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद करीब सात बजे दोनों के शव घर पहुंचे। पति का शव देखते ही राजपाल की पत्नी सुमन बेसुध हो गईं। वहीं उनकी बेटी श्रेया पिता के शव से लिपटकर रोती रही। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

हादसे से आक्रोशित परिजनों ने शवों को काकादेव स्थित स्कूल के बाहर सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, रोजगार और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग रखी।

पांच घंटे तक चली बातचीत

स्थिति को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम और एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह समेत करीब छह थानों का पुलिस बल तैनात किया गया।

स्कूल के अंदर मृतकों और घायल मजदूर के परिवारों, स्कूल प्रबंधन तथा अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। करीब पांच घंटे बाद दोनों परिवारों की सहमति से समझौता हुआ और प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

एक परिवार को पत्नी की नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का आश्वासन

राजपाल के परिवार के मुताबिक, उनकी पत्नी को 14 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी देने की बात तय हुई है। उनके तीनों बच्चों की इंटरमीडिएट तक निशुल्क पढ़ाई कराने का भी आश्वासन दिया गया है।

दूसरे मृतक अभिषेक के परिवार के अनुसार, उनकी बेटी को कक्षा 1 से 12 तक निशुल्क शिक्षा देने की बात तय हुई है। उनकी पत्नी को 18 से 20 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया है।

परिजनों ने कहा- समझौते से संतुष्ट हैं

राजपाल के छोटे भाई सुशील पाल ने कहा कि बातचीत के बाद परिवार की मांगों पर सहमति बनी है और किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया। वहीं अभिषेक के पिता दीनदयाल ने भी समझौते पर संतुष्टि जताई।

समझौते के बाद दोनों परिवार अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर चले गए। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

About NW-Editor

Check Also

कानपुर कारोबारी हत्याकांड में रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ, चाबी और CCTV से खुलेंगे राज

कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *