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लखनऊ में बाढ़ का कहर: 40 हजार घर पानी में डूबे, बेहता नाले में लापता युवक की तलाश जारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हजारों घरों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बेहता नाले में डूबे एक 18 वर्षीय युवक का अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस और बचाव दल उसकी तलाश में जुटे हैं।

फैजुल्लागंज में बाढ़ से हजारों परिवार परेशान

फैजुल्लागंज में पिछले 11 दिनों से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। यहां 40 हजार से अधिक घर जलभराव से प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि तीन लाख से ज्यादा लोगों पर इसका असर पड़ा है। कई गलियों में पानी भरने के कारण आवागमन बाधित है। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में 40 से अधिक नावें चलाए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, बड़ी संख्या में परिवारों के प्रभावित होने के कारण राहत व्यवस्था पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही है। कई लोग खुद अस्थायी नाव बनाकर अपने परिवार और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं।

बेहता नाले में डूबा युवक, तलाश जारी

लखनऊ के रहीमाबाद क्षेत्र में बेहता नाले में डूबे 18 वर्षीय सूरज की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, युवक भैंस को बचाने के लिए पानी में उतरा था। इसी दौरान उसके हाथ से रस्सी छूट गई और वह गहरे पानी में चला गया। साथ मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। युवक का पता नहीं चलने पर नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने लखनऊ-हरदोई मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने तलाश के लिए स्कूबा डाइवर टीम बुलाने की मांग की। पुलिस के समझाने के बाद करीब आधे घंटे में जाम समाप्त हो गया।

गोमती का जलस्तर बढ़ने से कई इलाके जलमग्न

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। नदी के आसपास के क्षेत्रों, गोमती रिवर फ्रंट और कुछ प्रमुख स्थलों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लेटे हनुमान मंदिर और हनुमंत धाम सहित कई धार्मिक स्थलों तक पानी पहुंचने की सूचना है।

इकाना स्टेडियम परिसर में जमा पानी निकालने के लिए 26 पंपिंग सेट लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, आईआईआईटी परिसर और आपदा प्रबंधन कार्यालय में भी जलभराव की स्थिति बताई गई है। प्रशासन के सामने पानी निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती बनी हुई है।

बाढ़ पीड़ितों में नाराजगी, राहत की मांग तेज

लगातार जलभराव से परेशान मिल्लत नगर के लोगों ने नाव पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताई और राहत कार्य तेज करने की मांग उठाई।

दूसरी ओर, बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, जरूरी सामान उपलब्ध कराने और जलभराव वाले इलाकों में बचाव कार्य चलाने की जरूरत बनी हुई है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

लखनऊ में बाढ़ के बिगड़ते हालात के बीच प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए लोगों को निचले इलाकों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की जरूरत है। प्रशासन और बचाव दलों के लिए चुनौती है कि प्रभावित बस्तियों तक पर्याप्त राहत पहुंचाई जाए और लापता युवक की तलाश जल्द पूरी की जा सके।

 

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