लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से राजधानी के कई इलाकों में बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं। फैजुल्लागंज समेत कई क्षेत्रों में घरों और सड़कों पर कई फीट पानी भर गया है। बड़ी संख्या में लोग घरों से सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। कई परिवार नाव के सहारे इलाका छोड़ रहे हैं।
इटौंजा के लासा गांव में बाढ़ के पानी में बहने से 19 वर्षीय विमल कुमार की मौत हो गई। बताया गया कि वह छह लोगों के साथ बाढ़ के पानी में गया था। इनमें से पांच लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन विमल तेज बहाव में बह गया। काफी तलाश के बाद उसका शव बरामद किया गया।
गोमती का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में पानी
गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ रहा है। रिवरफ्रंट, हनुमंत धाम और चंद्रिका देवी मंदिर सहित कई तटीय क्षेत्र पानी की चपेट में हैं। फैजुल्लागंज के कई मोहल्लों में सड़कें और घर जलमग्न हैं।
लोहरामऊ और आसपास के इलाकों में भी घरों के अंदर पानी पहुंच गया है। परशुराम कॉलोनी में कई फीट पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ने के कारण उन्हें अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ रहा है।
लेटे हनुमान मंदिर में 13 फीट तक पहुंचा पानी
गोमती तट पर स्थित पातालपुरी लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में बाढ़ का पानी भर गया है। मंदिर परिसर में करीब 13 फीट तक पानी पहुंचने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह बंद कर दिया गया है।
सुरक्षा को देखते हुए हनुमान जी की चरण पादुका ऊंचे स्थान पर रखी गई हैं, जहां से श्रद्धालु दूर से दर्शन कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, 2006 के बाद पहली बार जलस्तर इतना बढ़ा है।
नाव नहीं मिली तो बुजुर्ग ने बनाया जुगाड़
फैजुल्लागंज में बाढ़ के बीच राहत और आवागमन की मुश्किलें भी सामने आ रही हैं। नाव नहीं मिलने पर एक बुजुर्ग ने गद्दे की मदद से जुगाड़ की नाव तैयार कर ली और पानी पार करने की कोशिश की।
बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि बच्चों की दवा और जरूरी सामान लेने के लिए उन्हें पानी के बीच से बाहर निकलना पड़ता है। कई जगह नाव के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
घरों में पानी, पलायन बढ़ा
फैजुल्लागंज के करीब 40 हजार घरों में पांच फीट से ज्यादा पानी भरने की बात सामने आई है। बाढ़ से तीन लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने का दावा किया गया है। पानी घरों में पहुंचने के बाद कई परिवार ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में चोरी की घटनाएं रोकने के लिए पुलिस रात में पेट्रोलिंग कर रही है। वहीं, प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया।
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