काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए बचाव दल युद्धस्तर पर अभियान चला रहा है।
त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए बचावकर्मियों ने सुरंग के ऊपरी हिस्से में करीब 6 इंच का छेद किया है। इस छेद के जरिए पाइप से अंदर हवा पहुंचाई जा रही है। अब इसे और बड़ा कर मैनहोल बनाने की तैयारी है, ताकि बचाव दल सुरंग के भीतर जाकर फंसे लोगों की तलाश कर सके।
बाढ़ के बाद सुरंग में बड़ी मात्रा में मिट्टी और गाद भर गई है। बचावकर्मी भारी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं। सुरंग के अंदर रोशनी और आवाज पहुंचाने की भी कोशिश की गई है, हालांकि अभी तक अंदर मौजूद लोगों से संपर्क नहीं हो सका है।
नेपाल के अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारी बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं। इनमें से कई लोगों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और बाकी कर्मचारियों की तलाश जारी है।
बाढ़ से भारी तबाही
26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों को प्रभावित किया। नदियों के किनारे बसे घर बह गए और कई सड़कें, पुल तथा संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। रसुवा और नुवाकोट के कई पहाड़ी गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मलबे में तीन दिन बाद जिंदा मिली बच्ची
रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे से छह साल की बच्ची को तीन दिन बाद जिंदा निकाल लिया। बचाव दल को मलबे के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद मलबा हटाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। बच्ची को इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है।
राहत और बचाव अभियान तेज
नेपाल सरकार ने राहत, बचाव और पुनर्वास अभियान तेज कर दिया है। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के हजारों जवान अभियान में जुटे हैं। प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
भारत समेत कई देशों ने नेपाल के लिए राहत सामग्री, मेडिकल टीम और तकनीकी विशेषज्ञ भेजे हैं। भारत की ओर से सुरंग बचाव विशेषज्ञों और जरूरी उपकरणों वाली टीम भी नेपाल पहुंची है।
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा
इस बीच रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी का बहाव बढ़ने की सूचना के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
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