बहुआ/फतेहपुर। विकास खंड बहुआ के रसूलपुर गांव स्थित श्री जगन्नाथ पटेल महिला डिग्री कॉलेज परिसर में कृषि विभाग की सर्विस प्रोवाइडर कंपनी कर्टसी इंडिया, कर्नाटक की ओर से उप कृषि निदेशक रामजतन मिश्र के निर्देशन में जैविक कृषि मेले का आयोजन किया गया। मेले में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर खेती की लागत कम करने और जहर मुक्त उत्पादन प्राप्त करने के तरीके बताए गए।
प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर वीरेंद्र यादव ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न विधियों की जानकारी देते हुए बताया कि रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से खेती की लागत घटाई जा सकती है। उन्होंने किसानों को जहर मुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन के लिए प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रगतिशील कृषक एवं प्रशिक्षक रमाकांत तिवारी ने जैविक खेती के अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को इसके लाभ बताए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता परम्परागत कृषि विकास योजना के योजना प्रभारी विवेक सिंह ने की, जबकि संचालन आलोक गौड़ ने किया। कृषि विभाग के रणवीर सिंह ने किसानों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बीज गोदाम प्रभारी रोहित सिंह ने किसानों को समय से बीज बुक कराने तथा बुवाई के लिए उत्तम एवं प्रमाणित किस्म के बीजों का चयन करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका किसानों को भ्रमण कराकर विभिन्न उत्पादों एवं उनके उपयोग की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में किसान सूबेदार सिंह, वीरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सौरभ शुक्ला, प्रतिभा, रानी देवी, ज्योति सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान मौजूद रहे।

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