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लखनऊ में रईसजादों की गुंडई: थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, वर्दी फाड़ी – नाम सुनकर उड़ जाएंगे होश!

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां केडी सिंह बाबू स्टेडियम की पुलिस चौकी में तैनात सिपाही को कुछ रईसजादों ने बुरी तरह पीट दिया। यही नहीं, उसे ‘कुत्ता’ कहकर अपमानित किया गया और उसकी वर्दी तक फाड़ दी गई। हैरान करने वाली बात यह है कि इस हमले में एक आरोपी की 13 दिन बीत जाने के बाद भी पहचान नहीं हो सकी है, और दावा किया जा रहा है कि वह एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी यानी ADG का बेटा है।

सिपाही अर्जुन चौरसिया के साथ चौकी में हुआ अमानवीय व्यवहार

यह शर्मनाक घटना 29 मई की है, जब सिपाही अर्जुन चौरसिया केडी सिंह बाबू स्टेडियम पुलिस चौकी में तैनात था। उसी समय कुछ युवक वहां पहुंचे और बहस के बाद सिपाही को गालियां देने लगे। उन्होंने उसे ‘कुत्ता’ कहकर अपमानित किया और फिर चौकी के भीतर ही उसे पीट-पीटकर घायल कर दिया। आरोपियों ने उसकी वर्दी तक फाड़ डाली। यह पूरी घटना चौकी जैसे सुरक्षित स्थान में हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।

नामजद हुए तीन आरोपी, चौथे की पहचान आज तक नहीं

घटना के बाद सिपाही ने हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। एफआईआर में जय प्रकाश सिंह, अभिषेक चौधरी और सुमित कुमार को नामजद किया गया। तीनों आरोपियों को निजी मुचलके पर थाने से ही जमानत दे दी गई, जो कानून व्यवस्था के मजाक जैसा प्रतीत होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि चौथे आरोपी की अब तक न तो गिरफ्तारी हुई है, न ही पहचान, जबकि इस घटना को 13 दिन से अधिक हो चुके हैं।

सूत्रों का दावा – ADG का बेटा है चौथा आरोपी, पुलिस पर केस दबाने का आरोप

सूत्रों की मानें तो चौथा युवक कोई और नहीं, बल्कि एक वर्तमान ADG का बेटा है। यही वजह है कि लखनऊ पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लग रहा है। पुलिस पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह अपने ही महकमे के एक जवान को न्याय दिला पाने में सक्षम नहीं है, जब आरोपी कोई रसूखदार हो?

चौकी में सिपाही को पीटना सिर्फ अपराध नहीं, पूरे सिस्टम पर हमला है

यह घटना सिर्फ एक सिपाही के साथ हुई मारपीट नहीं है, बल्कि यह पुलिस के पूरे सिस्टम, अनुशासन और गरिमा पर हमला है। एक वर्दीधारी अगर चौकी के भीतर भी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता के लिए पुलिस से न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

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