न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि सीमा पार से किसी सरकार की इसमें भूमिका पाई जाती है तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। जयशंकर ने आतंकवाद को पूरी दुनिया के लिए चुनौती बताते हुए आत्मरक्षा के भारत के अधिकार पर भी जोर दिया।
जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना एक साथ नहीं चल सकते। उनके मुताबिक आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को अपना रवैया बदलना होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
फिलिस्तीन के लिए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन
जयशंकर ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी भारत का रुख रखा और दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया। इसके तहत इजराइल और फिलिस्तीन के लिए अलग-अलग स्वतंत्र राष्ट्र की व्यवस्था की बात कही जाती है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी 22 सितंबर को दो-राष्ट्र समाधान को स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण रास्ता बताया था।
जयशंकर ने फिलिस्तीनी लोगों के लिए भारत की मानवीय सहायता और राहत प्रयासों का भी उल्लेख किया।
समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भी चिंता
विदेश मंत्री ने संघर्ष और टकराव को वैश्विक शांति और विकास के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया।
इससे पहले 25 सितंबर को जयशंकर ने लाइबेरिया के साथ शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा को लेकर ‘Group of Friends’ पहल की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि हाल के महीनों में होर्मुज जलडमरूमध्य, खाड़ी, लाल सागर और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हुए हैं और समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखना जरूरी है।
पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर भी दिया जवाब
UNGA के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए जयशंकर से सवाल किया था। जवाब में जयशंकर ने सवाल करने वाले देश को लेकर तीखी टिप्पणी की। UN के ट्रांसक्रिप्ट में यह बातचीत दर्ज है।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता है। दोनों देशों के बीच यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठता रहा है।
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