नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर हो गई है। अलग-अलग घटनाओं में अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। बागलुंग जिले में भूस्खलन की चपेट में एक मकान आने से एक महिला और उसके तीन बेटों की मौत हो गई। वहीं, पाल्पा जिले में भी दो लोगों की जान गई है।
भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई घर और पुल बह गए हैं। जगह-जगह सड़कें जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है और कई हाईवे बंद कर दिए गए हैं। बुटवल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। करीब 200 परिवारों को भी एहतियातन घरों से हटाया गया है।
नारायणी नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर
लगातार बारिश के कारण नेपाल की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। देवघाट में नारायणी नदी रविवार सुबह 7:45 बजे करीब 11 मीटर के स्तर पर बह रही थी। यह खतरे के निशान से लगभग 2 मीटर ऊपर है। अधिकारियों ने जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चितवन समेत आसपास के इलाकों में भी नदी का पानी बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर भी असर
बाढ़ और भूस्खलन का असर नेपाल के बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन नेटवर्क पर भी पड़ा है। कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं में बिजली उत्पादन रोकना पड़ा है। इनमें 140 मेगावाट का कालीगंडकी, 25 मेगावाट का अपर मादी, 44 मेगावाट का सुपर मादी, 20 मेगावाट का नामार्जुन मादी और 40 मेगावाट का सेती रिवर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
220 किलोवोल्ट की कालीगंडकी कॉरिडोर ट्रांसमिशन लाइन के दो टावर भी गिर गए हैं। कई स्थानों पर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान होने की खबर है।
मनांग में हिमस्खलन, 10 लोगों की तलाश जारी
मनांग जिले के नार-फू क्षेत्र में 7,126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन की घटना सामने आई है। इसके बाद पर्वतारोहियों और सपोर्ट स्टाफ समेत 10 लोगों के लापता होने की जानकारी है।
लापता लोगों में दो लोग इमेजिन नेपाल प्राइवेट लिमिटेड और आठ लोग हिमालयन हॉलीडेज नेपाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। नेपाल का पर्यटन विभाग घटना पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों की ओर से लापता लोगों का पता लगाने और राहत-बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
नेपाल में पहले भी आई थी बड़ी बाढ़
इससे पहले 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उस आपदा में 1,453 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 5,500 से अधिक लोग लापता बताए गए थे। अब लगातार बारिश और नए सिरे से बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
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