काठमांडू। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हो सके हैं। नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने के बाद देश के सात जिलों में नया बाढ़ अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल के कई इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई थी। इस प्राकृतिक आपदा में नेपाल और तिब्बत में मृतकों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। नेपाल में अब तक 987 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तिब्बत में 16 लोगों की जान गई है। नेपाल के चितवन जिले में सबसे अधिक 321 शव बरामद किए गए हैं।
4,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता
बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों के अनुसार, 4,400 से अधिक लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है। प्रभावित क्षेत्रों में सेना और सुरक्षा बल लगातार तलाशी एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक 11 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
अज्ञात शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा
चितवन में बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण अस्पतालों और मॉर्चरी में जगह की कमी हो गई है। स्वास्थ्य संबंधी खतरे को देखते हुए अज्ञात शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। भविष्य में पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शव को अलग पहचान संख्या दी जा रही है, ताकि परिजन बाद में उन्हें पहचान सकें।
पेड़ों पर चढ़कर बचाया 8 साल का बच्चा
बाढ़ के दौरान रसुवा में एक आठ वर्षीय बच्चा पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घायल अवस्था में मिलने के बाद उसे पहले स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया। उसकी मां कई राहत शिविरों और लापता लोगों की सूचियों में अपने बच्चों की तलाश कर रही थीं। बच्चे के मिलने के बाद परिवार को राहत मिली।
डेढ़ महीने के बच्चे का भी रेस्क्यू
रसुवा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बचाव दल ने महज डेढ़ महीने के एक बच्चे को भी सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चे को राहत शिविर पहुंचाने के बाद सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
भारत की टीमें भी राहत और बचाव अभियान में जुटीं
नेपाल में जारी बचाव अभियान में भारतीय टीमें भी सहयोग कर रही हैं। भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग की हाइड्रोपावर परियोजनाओं में खोज अभियान चला रही है। वहीं, भारतीय फोरेंसिक टीम नेपाल पुलिस के साथ मिलकर शवों की पहचान और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया में सहयोग कर रही है।
बाढ़ के बाद नेपाल में फंसे 158 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसके अलावा नेपाल से बहकर उत्तर प्रदेश की गंडक नदी तक पहुंचे 17 शव बरामद किए गए हैं। इनमें 13 शव कुशीनगर और चार शव महाराजगंज जिले से मिले हैं।
21 दिन में प्रभावित क्षेत्रों को सामान्य करने की तैयारी
नेपाल सरकार ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित किया है। प्रशासन का लक्ष्य करीब 21 दिनों में सड़क, पुल, पेयजल, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को दोबारा शुरू करना है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा।
फिलहाल नेपाल के प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान जारी है। लगातार बढ़ते नदी जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
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