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उत्तराखंड में बारिश का कहर: बरसाती नदी में बही कार, मलबे में दबकर तीन की मौत; केदारनाथ यात्रा पर लगाई रोक

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। देहरादून में तेज बारिश के बाद उफनाई बरसाती नदी में एक कार बह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

अल्मोड़ा जिले के उड़यूड़ा गांव में भी भारी बारिश के बाद पहाड़ी से अचानक मलबा घर में जा घुसा। हादसे के समय परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे। मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर अभियान चलाया।

केदारनाथ यात्रा पर भी लगा ब्रेक

केदार घाटी में लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी है। सोनप्रयाग से श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम के लिए रवाना नहीं किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित हुई है।

कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित

भारी बारिश के चलते पहाड़ी सड़कों पर जगह-जगह मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ते खोलने में जुटी हैं। कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोककर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।

नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों से मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की गई है।

प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में लोग स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

प्रशासन और बचाव टीमें संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

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