उत्तराखंड के चमोली जिले में टनल हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 3 मजदूर अभी भी टनल के अंदर फंसे हुए हैं। प्रशासन और बचाव दल फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मौके पर NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और इंजीनियरों की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मलबा हटाने और ऑक्सीजन सप्लाई बनाए रखने के लिए भारी मशीनरी का भी उपयोग किया जा रहा है।
टनल के भीतर लगातार मलबा गिरने और संकरी जगह होने के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयाँ आ रही हैं, लेकिन टीमों का कहना है कि ऑपरेशन को हर हाल में तेज किया जा रहा है। आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त राहत दल भी बुलाए गए हैं और मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का जायजा लिया और टनल के अंदर पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने और सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता फंसे हुए मजदूरों की जान बचाना है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल टनल में फंसे तीनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
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