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पाकिस्तान ने फिर दी पानी को लेकर भारत को धमकी, शहबाज बोले- कश्मीर पर नहीं बदलेगा रुख

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ सिंधु जल समझौते को लेकर एक बार फिर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि पानी के प्रवाह को रोकने या कम करने की कोशिश की गई तो पाकिस्तान इसका जवाब देगा।

इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की पुरानी नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए पाकिस्तानी सेना के नेतृत्व की भी तारीफ की।

सिंधु जल समझौते को लेकर बढ़ा तनाव

भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुआ सिंधु जल समझौता दोनों देशों के बीच नदियों के पानी के बंटवारे की व्यवस्था तय करता है। समझौते के तहत रावी, ब्यास और सतलुज के पानी पर भारत को तथा सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी पर पाकिस्तान को अधिकार मिला था।

अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई होने तक समझौते पर रोक जारी रहेगी। वहीं पाकिस्तान इस कदम को एकतरफा और अस्वीकार्य बताता रहा है।

पानी की कमी से पाकिस्तान में बढ़ी चिंता

पाकिस्तान की कृषि और अर्थव्यवस्था सिंधु नदी प्रणाली पर काफी निर्भर है। ऐसे में जल समझौते को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ता विवाद पाकिस्तान के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। पानी की उपलब्धता में कमी का असर खेती, सिंचाई और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

चीन के साथ रिश्तों की भी चर्चा

शहबाज शरीफ ने चीन-पाकिस्तान संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि चीन मुश्किल समय में पाकिस्तान के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती को बेहद महत्वपूर्ण बताया।

कश्मीर को लेकर फिर दोहराया पुराना रुख

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर को लेकर उनके देश की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कश्मीरियों के समर्थन का दावा करते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाता रहेगा।

शहबाज ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भूमिका का भी जिक्र किया। हालांकि, भारत का रुख रहा है कि संघर्षविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद के बाद हुआ था।

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